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मथुरा-वृंदावन को ‘सेफ सिटी’ प्रोजेक्ट के तहत पूरी तरह से चाक-चौबंद किया गया है. सुरक्षा और निगरानी के लिए पूरे क्षेत्र में 5000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनका सीधा नियंत्रण इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से हो रहा है. ब्रज में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है. तीसरी आंख श्रद्धालुओं पर होने वाले अपराध पर नजर रखेगी और इससे अपराधों में कमी आएगी
मथुरा: मथुरा-वृंदावन को ‘सेफ सिटी’ प्रोजेक्ट के तहत पूरी तरह से चाक-चौबंद किया गया है. सुरक्षा और निगरानी के लिए पूरे क्षेत्र में 5000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनका सीधा नियंत्रण इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से हो रहा है. ब्रज में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है. तीसरी आंख श्रद्धालुओं पर होने वाले अपराध पर नजर रखेगी और इससे अपराधों में कमी आएगी.
उत्तर प्रदेश का मथुरा धार्मिक दृष्टि से विश्व में एक अपनी अलग ही पहचान रखता है. यहां हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. श्रद्धालुओं के साथ कोई अनहोनी या दुर्घटना ना हो इसके लिए उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं. यह कैमरे शहर भर में जगह-जगह पर लगाए गए हैं. इन कैमरा को लगाने का उद्देश्य बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ हो रहे अपराधों को रोका जा सके.
हर तिराहे चौराहे पर कैमरे से रखी जाएगी नजर
ये 5000 कैमरे मथुरा वृन्दावन के हर तिराहे – चौराहे के साथ साथ मंदिरों के पास और अतिसंवेदनशील जगहों पर लगाये गए हैं. वहीं ब्रज की सांस्कृतिक पहचान यमुना नदी और यहां के प्राचीन कुंडों को संरक्षित करने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं. विश्राम घाट से लेकर केशी घाट तक तटीय सुविधाओं का विस्तार और सौंदर्यीकरण किया गया है. वृंदावन में 7.6 करोड़ रुपये की लागत से नए अक्रूर घाट का निर्माण हो रहा है और देवरहा बाबा घाट के पास यमुना पर केबल स्टे सस्पेंशन ब्रिज की योजना स्वीकृत है. प्राचीन घाटों की स्थापत्य कला को उभारने के लिए केशी घाट और परिक्रमा मार्ग के प्रमुख भवनों पर आधुनिक फसाड लाइटिंग लगाई गई है. साथ ही सुनरख में सौभरि ऋषि वाटर बॉडी, करहला में बज्रनाभ समाधि परिसर और ब्रज क्षेत्र के 100 से अधिक प्राचीन कुंडों का ईको- रेस्टोरेशन कर उन्हें नया जीवन दिया गया है.
मंदिरों का सौंदर्यीकरण और कॉरिडोर का निर्माण
श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा के लिए बांके बिहारी मंदिर के आसपास भीड़ नियंत्रण हेतु भव्य कॉरिडोर निर्माण की योजना पर कार्य जारी है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र के पहुंच मार्गों, चौराहों और सड़कों को हेरिटेज लाइटिंग और फसाड डेवलपमेंट के जरिए संवारा गया है. गोवर्धन के 21 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग और बरसाना परिक्रमा मार्ग को चौड़ा कर वहां शेड, होल्डिंग एरिया, पेयजल और यात्री शौचालयों की सुविधा विकसित की गई है. इसके अलावा जिला सीमाओं और एक्सप्रेस- वे पर भव्य पौराणिक शैली के प्रवेश द्वार, गीता शोध संस्थान और रासलीला अकादमी में गेस्ट हाउस तथा कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कराया गया है.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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