@जे0 के0…

Sonbhadra। जनपद में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ को व्यापक जनभागीदारी के साथ प्रभावी और परिणामपरक बनाने के लिए मंगलवार को समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी मंत्री एवं राज्य मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग हंसराज विश्वकर्मा ने की। बैठक में एमएलसी विनीत कुमार सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता, जिलाधिकारी चर्चित गौड़ सहित जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल कार्यक्रमों के आयोजन तक सीमित न रहे, बल्कि जनसेवा और जनभागीदारी का व्यापक आंदोलन बने। इसका प्रभाव ग्राम पंचायतों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक दिखाई देना चाहिए। केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने में अधिकारी संवेदनशीलता और सक्रियता से काम करें।
उन्होंने अभियान के दौरान रक्तदान शिविर, दिव्यांगजन कल्याण कैंप, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य एवं पोषण गतिविधियां, शिक्षा व युवा संवाद, रोजगार एवं आजीविका संबंधी कार्यक्रम तथा जनजागरूकता अभियान आयोजित करने के निर्देश दिए। युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों, स्वयं सहायता समूहों, लाभार्थियों और आम नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी पर जोर दिया गया।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए बदलाव और लाभार्थियों की सफलता की कहानियां भी अभियान की पहचान बनें। इन्हें फोटो, वीडियो और डिजिटल माध्यमों से व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाए।
भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने कहा कि जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और आमजन की सक्रिय सहभागिता से अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए।

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यक्रम औपचारिकता न बनें, बल्कि उनके सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखाई दें। सभी नोडल अधिकारी समय से तैयारियां पूरी कर विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करें।
सीडीओ जागृति अवस्थी ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि ग्राम पंचायत, विकासखंड और जिला स्तर पर स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, स्वच्छता, रोजगार, युवा सहभागिता और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम होंगे। प्रभारी मंत्री ने कहा कि अभियान के माध्यम से ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प जन-जन तक पहुंचाना ही इसकी वास्तविक सार्थकता होगी।
