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UP Top 7 IAS Officers: उत्तर प्रदेश प्रशासन की नींव सरकार और तेज-तर्रार IAS-IPS अफसरों के हाथों में है. आज आपको यूपी के उन 7 आईएएस अफसरों के बारे में बनाते वाले हैं, जिनकी कार्यशैली और एक्शन को लेकर काफी चर्चा हुई है.
उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सेवा के कई ऐसे अधिकारी रहे हैं, जिन्होंने अपने सख्त फैसलों, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और जनहित से जुड़े कामों के चलते अलग पहचान बनाई. किसी ने खनन माफिया पर शिकंजा कसा तो किसी ने औचक निरीक्षण कर लापरवाह अधिकारियों की क्लास लगाई. वहीं, कुछ अफसरों ने आपदा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों में सराहनीय काम किया. आइए आज जानते हैं UP के उन्हीं 8 चर्चित IAS अफसरों के बारे में, जिनकी बहादुरी के काफी किस्से हैं.
दुर्गा शक्ति नागपाल का नाम उत्तर प्रदेश की तेजतर्रार IAS अधिकारियों में गिना जाता है. 2010 बैच की अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. नोएडा में एसडीएम रहते हुए उन्होंने अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई की. इसी दौरान वह देशभर में चर्चा में आईं. 2013 में उनके निलंबन का मामला काफी सुर्खियों में रहा. उनके समर्थन में IAS एसोसिएशन और कई सामाजिक संगठनों ने आवाज उठाई. खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई और अपने कर्तव्य के प्रति सख्त रवैये ने उन्हें एक निडर अधिकारी की पहचान दिलाई. अभी वह गोंडा जिले के देवीपाटन मंडल की कमिश्नर के रूप में कार्यरत हैं.
संजय प्रसाद उत्तर प्रदेश के सबसे प्रभावशाली और चर्चित वरिष्ठ IAS अधिकारियों में गिने जाते हैं. उन्होंने करीब तीन दशक लंबे करियर में उत्तर प्रदेश के कई मुख्यमंत्रियों के साथ काम किया. उनके कार्यकाल में कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह, मुलायम सिंह यादव, मायावती, अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ की सरकारें शामिल रहीं. नीतिगत फैसलों, शासन-प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय और संवेदनशील मामलों को संभालने की क्षमता के कारण उन्हें सत्ता के गलियारों में बेहद प्रभावशाली अधिकारी माना जाता है. वर्तमान में IAS संजय प्रसाद मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं.
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2004 बैच की IAS अधिकारी डॉ. रोशन जैकब मूल रूप से केरल की रहने वाली हैं. उन्होंने अंग्रेजी विषय में बीए, एमए और पीएचडी की पढ़ाई की है. उत्तर प्रदेश में उन्होंने गोंडा, बस्ती, कानपुर, बाराबंकी और रायबरेली जैसे जिलों में जिलाधिकारी के तौर पर कार्यभार संभाला है. रोशन जैकब की पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में बनी, जो मौके पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान करने में विश्वास रखती हैं. कोरोना काल, बाढ़ और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में उनकी सक्रियता की काफी चर्चा हुई. वर्तमान में UP सरकार की खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FSDA) की सचिव और आयुक्त के पद पर तैनात हैं.
अवनीश कुमार अवस्थी 1987 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी रहे हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में अपर मुख्य सचिव गृह और सूचना सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया. कानून-व्यवस्था, एक्सप्रेसवे परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश और अयोध्या के विकास से जुड़े कार्यों में उनकी अहम भूमिका रही. बड़े और संवेदनशील प्रोजेक्ट्स को तेजी से लागू कराने और शासन के कठिन फैसलों को जमीन पर उतारने के लिए उन्हें जाना जाता है. उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में उनका प्रभाव लंबे समय तक दिखाई दिया. वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं.
बी. चंद्रकला उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में चर्चित IAS अधिकारियों में शामिल हैं. 2008 बैच की अधिकारी बी. चंद्रकला अपने औचक निरीक्षण, बेबाक अंदाज और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के लिए जानी जाती हैं. निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री, सफाई व्यवस्था और सरकारी योजनाओं में लापरवाही मिलने पर वह मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाती थीं. उनके कई निरीक्षण वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके बाद उन्हें ‘लेडी सिंघम’ और ‘लेडी दबंग’ जैसे नामों से भी जाना जाने लगा. IAS बी. चंद्रकला अभी उत्तर प्रदेश शासन में वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत हैं.
IAS विशाल सिंह मूल रूप से जौनपुर के रहने वाले हैं. भदोही से लेकर अयोध्या तक अलग-अलग जिम्मेदारियों में उन्होंने विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम किया. अयोध्या के विकास, साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था और धार्मिक पर्यटन से जुड़े कार्यों में उनकी भूमिका की चर्चा हुई. अयोध्या को व्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाने की दिशा में किए गए कार्यों के लिए उन्हें सराहना मिली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी उनके कार्यों की प्रशंसा की गई है. वर्तमान में IAS विशाल सिंह उत्तर प्रदेश के सूचना विभाग में निदेशक (सूचना निदेशक) और संस्कृति विभाग के विशेष सचिव के पद पर कार्यरत हैं.
उत्तर प्रदेश सरकार में माध्यमिक शिक्षा विभाग में सचिव के पद पर तैनात IAS किंजल सिंह का जीवन संघर्ष और प्रशासनिक दृढ़ता की मिसाल माना जाता है. उनके पिता पुलिस सेवा में थे और उनकी हत्या के बाद परिवार को कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा. इसके बावजूद उन्होंने मेहनत कर सिविल सेवा में स्थान बनाया. IAS अधिकारी बनने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाली. सरकारी योजनाओं की निगरानी, भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती और कानून-व्यवस्था को लेकर उनके फैसलों की चर्चा हुई. निजी जीवन के संघर्षों के बावजूद प्रशासनिक सेवा में मजबूती से काम करने के कारण उनकी कहानी लोगों को काफी प्रभावित करती है. अभी वह लखनऊ में तैनात हैं.
