संवाददाता@विशाल टंडन…..

मुहर्रम के अवसर पर शुक्रवार को रॉबर्ट्सगंज नगर सहित जिले भर में कर्बला के 72 शहीदों की याद में ताजिया जुलूस पूरे अकीदत, जोश और गमगीन माहौल में निकाला गया। जुलूस के दौरान युवाओं ने अखाड़ों में पारंपरिक युद्धक करतबों का प्रदर्शन किया, जबकि छोटे-छोटे बच्चे लकड़ियां लेकर “या हुसैन, हक हुसैन” के नारे लगाते हुए जुलूस में शामिल हुए।
ताजिया जुलूस की शुरुआत रिजवी कटरा से हुई। इसके बाद हिराबाबा, दीपनगर, कबिलटोला, नई बस्ती, ब्रह्मबाबा और हमीद नगर की ताजियों का विभिन्न स्थानों पर मिलान कराया गया। सभी ताजिए नगरपालिका पार्क में कुछ देर ठहरने के बाद विद्युत उपकेंद्र, मुख्य बाजार और मेन चौक होते हुए नई बस्ती स्थित कर्बला पहुंचे।
मेन चौक पर अकीदतमंदों ने “हाय हुसैन, या हुसैन” की सदाओं के बीच मातम किया। अखाड़ों के कलाकारों ने पारंपरिक युद्धक कलाओं और हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कर्बला पहुंचने पर फातिहाख्वानी के बाद ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। सदर मुश्ताक खान ने कहा कि मुहर्रम केवल एक पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, सत्य, न्याय और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है।

उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने कर्बला में अपने 72 साथियों के साथ सत्य और इंसाफ की रक्षा के लिए शहादत दी, जिसकी मिसाल आज भी पूरी दुनिया में दी जाती है। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा, प्रेम और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग देने के लिए प्रशासन, पुलिस, ताजियादारों और नगरवासियों का आभार जताया।
जुलूस में रोशन खान, एम.ए. सिद्दीकी वारसी एडवोकेट, मुनीर खान वारसी, हाजी फरीद खान, साजिद खान वारसी, रिजवान वारसी, सगीर वारसी, हिराबाबा वारसी, दानिश खान, आलमगीर सहित हजारों की संख्या में अकीदतमंद शामिल रहे। सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा तथा प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे। पुलिस की सतर्कता और ताजियादारों के सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।





