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Sonbhadra। जनपद सोनभद्र पुलिस और एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) लखनऊ यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने 8 कुंतल 684 ग्राम अवैध गांजा, एक डीसीएम वाहन, एक सियाज कार, 8 मोबाइल फोन तथा नकदी सहित कुल लगभग 1 करोड़ 16 लाख रुपये की संपत्ति बरामद करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अपराध एवं मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस तथा एएनटीएफ लखनऊ की संयुक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि उड़ीसा से भारी मात्रा में गांजा डीसीएम वाहन से उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है तथा एक अन्य वाहन द्वारा पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने चहेलवा स्थित बैजू बाबा मंदिर के पास घेराबंदी कर एक डीसीएम और एक सियाज कार को रोककर जांच की। तलाशी के दौरान डीसीएम में लदी जड़ी-बूटी की बोरियों के बीच छिपाकर रखा गया 8 कुंतल 684 ग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 80.60 लाख रुपये बताई गई है। मौके से छह तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लंबे समय से उड़ीसा से गांजा खरीदकर सुल्तानपुर, सीतापुर और आसपास के जनपदों में सप्लाई करते थे। गिरोह का संचालन मुख्य रूप से अंकित सिंह और रोहित कुमार सिंह करते थे, जबकि अन्य सदस्य परिवहन, निगरानी और वितरण का कार्य संभालते थे। आरोपियों ने खुलासा किया कि वर्तमान खेप उड़ीसा के बलांगीर क्षेत्र से लगभग 20 लाख रुपये में खरीदी गई थी और उसे जड़ी-बूटियों की आड़ में छिपाकर लाया जा रहा था ताकि जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके।

पुलिस के अनुसार गांजे की यह खेप सीतापुर निवासी एक व्यक्ति को पहुंचाई जानी थी। तस्करी के दौरान सियाज कार के जरिए आगे-पीछे चलकर पुलिस चेकिंग की रेकी की जा रही थी। गिरोह के सदस्य पहचान छिपाने के लिए लगातार मोबाइल नंबर और सिम कार्ड बदलते रहते थे तथा उड़ीसा के सप्लायर से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क करते थे।
इस मामले में थाना रॉबर्ट्सगंज पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20/29/60 के तहत मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में कुछ के विरुद्ध हत्या, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, लूट, धोखाधड़ी तथा अन्य गंभीर अपराधों के कई मुकदमे विभिन्न जनपदों में दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।





