राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ के रूप में एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र की नियुक्ति हो गई है। उन्होंने अपना कार्यभार भी ग्रहण कर लिया है। उम्मीद है कि उन्हें एक टीम की भी जरूरत होगी। इस जरुरत को पूरा करने वालों में डीएमआरसी के कार्यकारी अभियंता सुदर्शन कुमार को जिम्मेदारी मिल सकती है।
UP News: राम मंदिर ट्रस्ट के द्वारा प्रशासनिक और प्रबंधकीय व्यवस्थाओं के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्र की नियुक्ति हो गई है। उन्होंने अपना कार्यभार भी ग्रहण कर लिया है। उम्मीद है कि जल्द उनकी आवासीय व्यवस्था का प्रबंध हो जाने के बाद स्थाई रूप से CEO मिश्र यहां रहना शुरू करेंगे और फिर भविष्य की कार्य योजना पर भी काम धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा इस बीच उन्हें विजन वाले लोगों की एक टीम की भी जरूरत होगी। इस जरुरत को पूरा करने वालों में एक नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से जुड़े दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) के कार्यकारी अभियंता सुदर्शन कुमार को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
उन्होंने राम मंदिर निर्माण के दौरान 2021-22 से डीएमआरसी में अवकाश लेकर यहां निर्माण में सहयोग किया। वह अकेले इंजीनियर रहे जो अलग सेवाकाल के दौरान यहां सेवा देते रहे। इसके पहले यहां आईआईटी मुंबई के इंजीनियर जगदीश आफले, गिरीश सहस्त्र भोजनी, जगन्नाथ गुलवे और अविनाश संगमलेकर ने भी अपनी सेवाएं दी। इसी तरह श्री सुदर्शन की भी इच्छा यहां कार्य करने की है। यही कारण राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन के कार्यकाल में भी यहां आए थे और करीब एक सप्ताह ठहरने के बाद वापस लौटे।
फिर जन्माष्टमी पर्व के दौरान भी राम मंदिर ट्रस्ट के द्वारा उन्हें आमंत्रित किया था। इस आमंत्रण के उपरांत श्री सुदर्शन पुनः यहां आए और रामलला का दर्शन करने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि व ट्रस्ट कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका के साथ भेंट कर बैठक भी की।
ज्वाइंट सीईओ और डिप्टी सीईओ की नियुक्ति तय
राम मंदिर में सीईओ के बाद उनके सहयोग के लिए ज्वाइंट सीईओ और डिप्टी सीईओ की भी नियुक्ति तय मानी जा रही है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव गोविंद देव गिरि दो सितंबर को ही यह ऐलान कर भी चुके हैं। बताया जाता है कि अधिकतम संभावना इस बात की है कि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दो दिसम्बर को प्रस्तावित बैठक से पहले यह नाम भी तय किया जा सकता है। इस नियुक्ति के लिए नामों के चयन के विषय में भटकना नहीं है क्योंकि सर्च कमेटी ने सीईओ के तीन नामों के बजाय अलग-अलग तीन श्रेणियों के तीन -तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपा है। ट्रस्ट के द्वारा इसी पैनल से नामों का चयन किया जाना है।
