मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन….
— सीपीआईएम ने धरना-प्रदर्शन कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा, दोनों स्थानों पर अन्य प्रतिमाओं का विरोध

भारत के संविधान के शिल्पकार और सामाजिक समानता के प्रबल पक्षधर डॉ. भीमराव अंबेडकर की भव्य प्रतिमा रॉबर्ट्सगंज के स्वर्ण जयंती चौक पर स्थापित किए जाने की मांग को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) सीपीआईएम ने धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी ने सिविल लाइन रोड स्थित कचहरी के पास छोटे चौराहे पर राष्ट्र नायक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित कर अनावरण कराने की भी मांग उठाई। इस संबंध में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया।

सीपीआईएम के जिला मंत्री का. नन्दलाल आर्य ने कहा कि सोनभद्र प्रदेश के पिछड़े जनपदों में शामिल होने के साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, आदिवासी एवं वनवासी बहुल क्षेत्र है। जनपद प्राकृतिक संसाधनों और बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों से समृद्ध होने के बावजूद यहां के शिक्षित युवा और बेरोजगार रोजगार की तलाश में देश के विभिन्न हिस्सों में जाने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और अधिकारों की व्यवस्था दी। गरीब, मजदूर, आदिवासी, दलित और शोषित-वंचित समाज के लिए उनका विचार आज भी प्रेरणा का स्रोत है। ऐसे में रॉबर्ट्सगंज के प्रमुख और ऐतिहासिक स्वर्ण जयंती चौक, जिसे बड़ौली चौराहा भी कहा जाता है, पर उनकी प्रतिमा स्थापित किया जाना जनहित एवं समाजहित में होगा।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार कचहरी के पास स्थित छोटे चौराहे पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित होने से युवा पीढ़ी को देशभक्ति, त्याग और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलेगी। दोनों महापुरुषों की प्रतिमाएं जनपद में सामाजिक चेतना और युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बन सकती हैं।

धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व सीपीआईएम जिला मंत्री का. नन्दलाल आर्य ने किया। इस अवसर पर का. प्रेमनाथ, अखिल भारतीय किसान यूनियन के संयोजक, का. पुरुषोत्तम, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष, समाजसेवी माथुर प्रसाद, रामप्रताप, का. राजबली, सत्येंद्र प्रसाद जायसवाल, छोटेलाल, रामेश्वर विश्वकर्मा, जगनरायण, नन्हकूराम, लालता प्रसाद सहित अन्य कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे।
सीपीआईएम नेताओं ने कहा कि इन दोनों चौराहों पर डॉ. अंबेडकर और भगत सिंह के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति की प्रतिमा स्थापित किया जाना पार्टी और दलित समाज को स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने प्रशासन से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।