• Privacy Policy
Sonebhadra Live
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

26 दिन की देरी ने हाईकोर्ट में पलट दिया 29 साल पुराना केस, अदालत ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा, अब कैंसिल

Admin by Admin
September 11, 2026
in उत्तर प्रदेश
0
26 दिन की देरी ने हाईकोर्ट में पलट दिया 29 साल पुराना केस, अदालत ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा, अब कैंसिल


Last Updated:September 11, 2026, 05:46 IST

Lucknow High Court : ट्रायल कोर्ट से बहराइच में हुए एक मर्डर केस के मामले में एक शख्स को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. जब यह मामला हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में पहुंचा तो अदालत ने इस पूरे मामले को ही रद्द कर दिया. पूरे फैसले को बदल दिया.

 हाईकोर्ट ने पलट दिया 29 साल पुराना केस, सुनाई थी उम्रकैद की सजा, अब रद्दZoom

अदालत का आदेश.

लखनऊ : हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने 29 साल पुराने हत्या के एक मामले में हैरान करने वाला फैसला सुनाया है. इस मामले में जिस शख्स को ट्रायल कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी, हाईकोर्ट ने उस पूरे मामले के फैसले को ही पलट दिया. अभियुक्त की सजा रद्द कर उसे बरी कर दिया. न्यायालय ने कहा कि मामला पूरी तरह परिस्थितिजन्य सबूतों पर आधारित था. मगर, अभियोजन पक्ष ऐसे हालातों की पूरी और विश्वसनीय कड़ी स्थापित नहीं कर सका, जिससे आरोपी का अपराध संदेह से परे साबित हो सके. बता दें, फैसला न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान व न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र की खंडपीठ ने सांभर चाई की अपील स्वीकार करते हुए सुनाया है.

यह है मामला
मामला बहराइच के हुजूरपुर थाने में वर्ष 1997 में दर्ज मुकदमे का है. रामबहोर नाम का व्यक्ति 20 फरवरी 1997 को लापता हो गया था. आरोप था कि सांभर चाई समेत अन्य अभियुक्तों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और शव को नदी किनारे रेत में दफना दिया. लगभग एक माह बाद 19 मार्च को एफआईआर दर्ज हुई और अगले दिन शव बरामद किया गया. पोस्टमार्टम में मौत गला दबाने से होना बताया गया था.

यह सजा सुनाई गई थी
अदालत ने सांभर चाई को हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में उम्रकैद तथा अन्य सजा सुनाई थी. हालांकि अन्य अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था. सांभर चाई ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी. हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन का प्रमुख आधार एक गवाह के समक्ष अभियुक्त द्वारा किया गया जुर्म को स्वीकार करना था.

अब अदालत ने क्या कहा?
न्यायालय ने कहा कि जिस गवाह बुद्धिसागर ने जुर्म स्वीकार करने की पुष्टि की थी, वह स्वयं वादी का बहनोई था. अभियुक्त और इस गवाह के बीच ऐसा कोई संबंध या विश्वास का आधार सामने नहीं आया, जिससे करीब एक माह बाद अभियुक्त द्वारा उसके सामने अपराध स्वीकार करने की बात विश्वसनीय लगे. कोर्ट ने शव की बरामदगी को लेकर भी अभियोजन के सबूत पर सवाल उठाया. शव बरामद करने का कोई विधिवत बरामदगी मेमो पेश नहीं किया गया और विवेचक भी अदालत में गवाही देने नहीं आया. पुलिस के दस्तावेज एक हेड कांस्टेबल के माध्यम से द्वितीयक साक्ष्य के रूप में साबित कराए गए. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कथित स्वीकारोक्ति और बरामदगी दोनों विश्वसनीय से साबित नहीं हुए. हत्या का कोई स्पष्ट मकसद भी स्थापित नहीं किया गया.

About the Author

authorimg

Advertisement
Advertisement

काव्‍या मिश्राSenior Sub Editor

Kavya Mishra is a Senior Sub Editor at News18 Hindi with over seven years of experience in digital and print journalism. She is part of the regional editorial team, covering Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana …

और पढ़ें

Location :

Lucknow,Uttar Pradesh

First Published :

September 11, 2026, 05:46 IST



Source link

Advertisement
Advertisement
Previous Post

‘वर्ल्ड-बीटर’ बनने के लिए तोड़ना पड़ता है थर्मा-मीटर, मेडल जीतने के अगले दिन कहां नजर आई मीराबाई चानू, क्यों करती हैं वो ऐसा?

Next Post

‘मौत बहुत करीब थी’ जानलेवा हमले ने बदल दी सैफ अली खान की जिंदगी, फिर याद किया खौफनाक मंजर- ‘किस्मत नहीं आजमाता’

Next Post
‘मौत बहुत करीब थी’ जानलेवा हमले ने बदल दी सैफ अली खान की जिंदगी, फिर याद किया खौफनाक मंजर- ‘किस्मत नहीं आजमाता’

'मौत बहुत करीब थी' जानलेवा हमले ने बदल दी सैफ अली खान की जिंदगी, फिर याद किया खौफनाक मंजर- 'किस्मत नहीं आजमाता'

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
Advertisement
  • Privacy Policy

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

No Result
View All Result
  • Privacy Policy

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.