मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन….

रॉबर्ट्सगंज नगर के दीपनगर स्थित जैन साधना भवन में जैन धर्म का महापर्व पर्यूषण पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। आठ दिवसीय यह पर्व 8 सितंबर से शुरू होकर 15 सितंबर तक चलेगा। पर्व के तीसरे दिन गुरुवार को दिल्ली से आए स्वाध्याय भाई नरेश जी एवं आदिश जी के सानिध्य में जैन समाज के लोगों ने जप-तप किया।

इस दौरान स्वाध्याय भाइयों ने उपस्थित जैन बंधुओं एवं बहनों को पर्यूषण पर्व की महत्ता बताते हुए कहा कि यह जैन धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है। इसका उद्देश्य आत्मा की शुद्धि और आध्यात्मिक विकास है। जैन धर्म में इसे ‘पर्वों का राजा’ भी कहा जाता है। यह पर्व व्यक्ति को कुछ समय के लिए सांसारिक मोह-माया से दूर होकर आत्मचिंतन, ध्यान और संयम की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि पर्यूषण पर्व करुणा, अहिंसा और आत्मसंयम जैसे मानवीय मूल्यों को मजबूत करता है। इसका भाव एक साथ रहना और एक साथ आना भी है। ऐसे में यह पर्व परिवार और समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता बनाए रखने का संदेश देता है।

स्वाध्याय भाइयों की प्रेरणा से श्रद्धालुओं ने जप-तप और आध्यात्मिक साधना में भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में मंगल पाठ किया गया और प्रसाद वितरित किया गया।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अध्यक्ष सुबोध अग्रवाल एवं महामंत्री प्रशांत जैन ने बताया कि पर्यूषण पर्व के आठ दिनों के दौरान विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इस अवसर पर पवन कुमार जैन, हर्ष अग्रवाल, मनोज जैन, धर्मराज जैन, देवराज जैन, मोना जैन, रितु अग्रवाल, पुष्प जैन, अनिल जैन, सोनू जैन, काजू जैन, जोगीराम जैन, विनोद जैन आदि मौजूद रहे।

