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Pakistan Table Tennis Asian Games News: पाकिस्तान के सबसे अच्छे पुरुष और महिला टेबल टेनिस खिलाड़ियों को बड़ा झटका लगा है. पाकिस्तान टेबल टेनिस फेडरेशन ने उन्हें बताया कि अगर वे इस साल जापान में होने वाले एशियाई खेलों में हिस्सा लेना चाहते हैं तो उन्हें अपनी यात्रा और बाकी खर्च खुद उठाने होंगे. लाहौर में चल रहे दो दिन के राष्ट्रीय ट्रायल्स के दौरान जब कुछ खिलाड़ियों ने अपने दैनिक भत्ते और यात्रा भत्ते के बारे में अधिकारियों से पूछा तो उन्हें यह जानकारी मिली.
पाकिस्तान के टेबल टेनिस खिलाड़ियों को बड़ा झटका.
नई दिल्ली. एक बार फिर पाकिस्तान की बदहाली की तस्वीर दुनिया के सामने आ चुकी है. कंगाली और आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान से खेलों से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरी दुनिया को उसकी औकात दिखा दी. दरअसल, पाकिस्तान टेबल टेनिस फेडरेशन (PTTF) ने अपने टॉप खिलाड़ियों को एक ऐसा गजब फरमान सुनाया है, जिसे सुनकर खुद खिलाड़ी भी हैरान हैं. इस साल जापान में एशियन गेम्स होने हैं. इसे लेकर फेडरेशन ने साफ कह दिया है कि अगर एशियन गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व करना है, तो खिलाड़ियों को अपनी जेब से पैसे लगाने होंगे.
ट्रायल के पैसे मांगे तो ‘कंगाली’ का रोना
यह वाकया तब सामने आया जब लाहौर में दो दिवसीय राष्ट्रीय ट्रायल्स चल रहे थे. न्यूज एजेंसी ‘पीटीआई’ के मुताबिक, जब कुछ सीनियर खिलाड़ियों ने फेडरेशन के अधिकारियों से ट्रायल्स के दैनिक भत्ते और यात्रा भत्ते के बारे में पूछा, तो उन्हें टका सा जवाब दे दिया गया. खिलाड़ियों को बताया गया कि ट्रायल्स में हिस्सा लेने के लिए उन्हें कोई पैसा नहीं मिलेगा. एक खिलाड़ी ने नाम न छापने की शर्त पर अपनी लाचारी जाहिर करते हुए बताया, “हमें साफ कह दिया गया है कि एशियन गेम्स के लिए चुने जाने वाले खिलाड़ियों को अपने हवाई टिकट का खर्च खुद उठाना होगा. इतना ही नहीं, जापान में रहने के दौरान हर दिन के हिसाब से 50 डॉलर का इंतजाम भी खुद ही करना होगा.”
जब खिलाड़ियों ने इस अजीबोगरीब फैसले का विरोध किया, तो फेडरेशन के एक सीनियर अधिकारी ने बेशर्मी से तर्क दिया कि खिलाड़ियों को तो इस बात से खुश होना चाहिए कि पाकिस्तान में ट्रायल्स का आयोजन हो रहा है, क्योंकि पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड (PSB) से फेडरेशन को एक ढेला भी फंड नहीं मिला है.
खेल के विकास पर लगा ‘फुल स्टॉप’
खिलाड़ियों का कहना है कि सरकार और स्पोर्ट्स बोर्ड की इस बेरुखी से पाकिस्तान में खेलों का भविष्य पूरी तरह अंधकार में डूब गया है. एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व की बात होती है, लेकिन पाकिस्तान में खिलाड़ियों पर देश का मान बढ़ाने के बदले कर्जदार होने का दबाव बनाया जा रहा है.
एशिया में वैसे भी फिसड्डी है पाकिस्तान
रिकॉर्ड्स की बात करें तो पाकिस्तान ने आज तक एशियन गेम्स या एशियन चैंपियनशिप के टेबल टेनिस इतिहास में एक भी मेडल नहीं जीता है. टेबल टेनिस के खेल में एशिया स्तर पर चीन, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और भारत जैसे मजबूत देशों का दबदबा रहा है. ऐसे में जहां अन्य देश अपने खिलाड़ियों को वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं दे रहे हैं, वहीं पाकिस्तान अपने खिलाड़ियों से खुद जेब खर्च कराकर पदक जीतने का ख्वाब देख रहा है.
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शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें






