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लखीमपुर खीरी जनपद की पांच तहसीलें बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आती हैं इस समय गोला तहसील क्षेत्र के रूरा सुल्तानपुर गांव के उत्तर दिशा में वीर बाबा स्थान के समीप शारदा नदी तेजी से कटान कर रही है. नदी की तेज धार खेतों की जमीन को लगातार अपने आगोश में ले रही है. किसानों के सामने उनकी वर्षों की मेहनत और खेती की जमीन को बचाने का संकट खड़ा हो गया है. रूरा सुल्तानपुर गांव के उत्तर दिशा में वीर बाबा स्थान के तरफ शारदा नदी के कटान का मंजर बेहद चिंताजनक है.
लखीमपुर खीरी: जिले में शारदा नदी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है. नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही शारदा की धार अब तेजी से कटान कर रही है. नदी किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है. सबसे ज्यादा खतरा उन किसानों के सामने है, जिनकी कृषि योग्य जमीन लगातार नदी में समाती जा रही है.
खीरी जिले में पांच तहसील बाढ़ प्रभावित
खीरी जनपद की पांच तहसीलें बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आती हैं इस समय गोला तहसील क्षेत्र के रूरा सुल्तानपुर गांव के उत्तर दिशा में वीर बाबा स्थान के समीप शारदा नदी तेजी से कटान कर रही है. नदी की तेज धार खेतों की जमीन को लगातार अपने आगोश में ले रही है. किसानों के सामने उनकी वर्षों की मेहनत और खेती की जमीन को बचाने का संकट खड़ा हो गया है. रूरा सुल्तानपुर गांव के उत्तर दिशा में वीर बाबा स्थान के तरफ शारदा नदी के कटान का मंजर बेहद चिंताजनक है. नदी धीरे-धीरे खेतों की ओर बढ़ रही है और किनारे की जमीन भरभराकर नदी में समा रही है. किसानों का कहना है कि अगर कटान इसी रफ्तार से जारी रहा तो बड़ी मात्रा में कृषि योग्य भूमि नदी में समा सकती है. खेतों में खड़ी फसलें नदी में समाती जा रही है. किसानों के लिए यह सिर्फ जमीन का नुकसान नहीं है, बल्कि उनकी रोजी-रोटी पर सीधा संकट है. जिन खेतों में किसान धान, गन्ना और दूसरी फसलें उगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, वही खेत अब शारदा नदी की तेज धार में समा रहे हैं.
ग्राउंड जीरो पर पहुंची टीम ने किसानों से खास बातचीत की
रूरा सुल्तानपुर गांव के रहने वाले किसान नीरज बताते हैं कि एक सप्ताह से लगातार वीर बाबा स्थान के समीप तेजी से कटान हो रहा है. कटान इतना तेज है कि आधा घंटे के अंदर करीब दो से तीन बीघा जमीन शारदा नदी अपने आगोश में समा लेती है. अगर इस तरह से कटान होता रहा तो आने वाले दिनों में गांव का अस्तित्व भी समाप्त हो सकता है. वहीं प्रशासन की ओर से लगातार ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए लोगों से अपील भी की जा रही है.
वहीं किसान जगदीश बताते हैं 7 एकड़ जमीन पर गन्ने की फसल लगी हुई थी, सिर्फ एक बीघा गन्ने की फसल बची हुई है. बाकी पूरी फसल नदी में समा गई है लगातार तेजी से कटान होता जा रहा है. विशाल पेड़ भी नदी में समा गया है ऐसे में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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