यूपी में बरेली और शाहजहांपुर में बारिश ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आज यानी सोमवार को भी बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। बरेली, शाहजहांपुर में बारिश ने पिछला सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। बरेली में तो पिछले रिकार्ड से करीब बहुत ज्यादा बारिश हो गई है। आज भी बरेली, शाहजहांपुर के साथ ही लखीमपुर खीरी और पीलीभीत में बहुत जारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। लोगों से सतर्क रहने और बहुत जरूरी होने पर ही घर से निकलने की अपील की गई है।
लखनऊ मौसम केंद्र के अनुसार मध्य और पूर्वी यूपी के कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश की भी संभावना है। पूर्वी यूपी के बलिया, रायबरेली, देवरिया, लखनऊ, बाराबंकी, हरदोई, सीतापुर, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती में बारिश हो सकती है। इसके अलावा कुशीनगर, मऊ, रामपुर, बदायूं, संभल और मुरादाबाद और आसपास बारिश की संभावना है।
एक दिन में अब तक की सबसे ज्यादा बारिश
बरेली में पिछले 24 घंटे में 381 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। यह अब तक की एक दिन की सबसे ज्यादा बारिश है। इससे पहले 2005 में 267 एमएम बारिश हुई थी। इसी तरह शाहजहांपुर में 227 एमएम बारिश हुई है। बरेली में रविवार को करीब 10 घंटे तक शहर के अलग-अलग इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही। दोपहर में तो काफी तेज बारिश हुई। शाम को बारिश हल्की हुई लेकिन रिमझिम जारी रही। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट आई है।
शाहजहांपुर में लगातार दो दिनों से बारिश
वहीं, शाहजहांपुर में शनिवार शाम से शुरू हुई बारिश सोमवार को भी रुक-रुककर होती रही। रविवार की शाम से मूसलाधार बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। जहां प्रमुख मार्गों और चौराहों पर पानी भरने से राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ी। शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन के रेलवे लाइन पर पानी भर गया। अत्यधिक पानी भरने से रेल की पटिरियां आधी डूब गयीं।
आठवीं तक के स्कूल आज बंद
रविवार देर शाम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने आठवीं तक के सभी स्कूलों को सोमवार को बंद करने के निर्देश दिए। इसके बाद बीएसए जयशंकर श्रीवास्तव ने ऑर्डर जारी कर दिया। शनिवार शाम आठ बजे से रविवार शाम आठ बजे तक 100 मिमी से अधिक बारिश रिकार्ड की गई थी। झमाझम बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर जलभराव की स्थिति बन गई। बस अड्डे के तिराहे के पास सड़क पर काफी पानी जमा हो गया। नगर निगम के पास कवि चौराहे और अंटा चौराहे पर भी सड़क पर पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हुई।
शहरी परेशान, गांवों में किसानों को राहत
बारिश से जहां शहरी परेशान हैं वहीं, किसानों में राहत का माहौल है। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से धान और गन्ने की फसल को फायदा मिलने की उम्मीद है। बारिश से किसानों को सिंचाई पर होने वाले खर्च में भी राहत मिल सकती है। हालांकि, निचले खेतों में पानी अधिक समय तक जमा रहने पर फसलों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। खेतों से पानी की निकासी की व्यवस्था करने की जरूरत है।
