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Bihar Women Kabaddi Championship: पटना में आयोजित दूसरी बिहार महिला कबड्डी चैंपियनशिप में सीतामढ़ी की 13 बेटियों ने अपने शानदार खेल से पूरे प्रदेश में जिले का नाम रोशन कर दिया है. टूर्नामेंट में बेस्ट डिफेंडर चुनी गईं शिवानी कुमारी ने अपनी प्रतिभा के दम पर स्कूटी और नकद पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया. कोच मेनका कुमारी को ‘बेस्ट कोच’ और कई अन्य खिलाड़ियों को ‘बेस्ट प्लेयर’ के खिताब से नवाजा गया.

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सीतामढ़ी: पटना के पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 11 से 17 मार्च तक आयोजित ‘दूसरी बिहार महिला कबड्डी चैंपियनशिप’ में सीतामढ़ी की खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. पूरे टूर्नामेंट के दौरान जिले की 13 बेटियों ने अलग-अलग फ्रेंचाइजी टीमों की ओर से खेलते हुए मैदान पर जबरदस्त दबदबा बनाए रखा. इन खिलाड़ियों के शानदार रेड्स और मजबूत डिफेंस के आगे विपक्षी टीमें पस्त नजर आईं. सीतामढ़ी की इन बेटियों ने न केवल मैच जीते, बल्कि खेल प्रेमियों और चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचकर जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन कर दिया.
शिवानी ने जीती स्कूटी, पुरस्कारों से झोली भरी
प्रतियोगिता में सीतामढ़ी की शिवानी कुमारी सबसे चमकदार सितारा बनकर उभरीं. उन्हें पूरे लीग में कुल चार बार ‘बेस्ट प्लेयर’ चुना गया. जिसके लिए उन्हें 8000 रुपये मिले. उनकी खेल कुशलता का आलम यह रहा कि उन्हें टूर्नामेंट की ‘बेस्ट डिफेंडर’ के खिताब से नवाजा गया. जिसमें पुरस्कार स्वरूप एक स्कूटी और 10 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई. उनके अलावा सुंदर कुमारी ने दो बार ‘बेस्ट प्लेयर’ बनकर 4000 रुपये जीते. अदिति कुमारी ने भी दो बार यह खिताब जीता. जबकि वर्षा कुमारी, रानी, सिमरन और सोनम कुमारी ने भी नकद पुरस्कार अपने नाम किए. वहीं कोच मेनका कुमारी को उनकी उत्कृष्ट रणनीति के लिए ‘बेस्ट कोच’ का सम्मान मिला.
विजेता खिलाड़ियों का भव्य स्वागत और सम्मान
जीत का परचम लहराकर वापस लौटीं महिला खिलाड़ियों का गुरुवार को डुमरा स्थित मां जानकी स्टेडियम में जिला कबड्डी संघ द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया. खिलाड़ियों के पहुंचते ही पूरा स्टेडियम भारत माता की जय और सीतामढ़ी की बेटियां जिंदाबाद के नारों से गूंज उठा. संघ की अध्यक्ष सुजाता कुमारी और सचिव पीयूष परिमल समेत अन्य पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए उनका हौसला बढ़ाया. इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद बेटियों ने जो मुकाम हासिल किया है. वह यह साबित करता है कि संकल्प हो तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती.
जिले में खेल प्रतिभाओं के लिए जगी नई उम्मीद
खिलाड़ियों की इस सफलता ने सीतामढ़ी में कबड्डी और अन्य खेलों के प्रति एक सकारात्मक माहौल पैदा कर दिया है. जिला संघ के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि इन बेटियों की उपलब्धि से गांव-कस्बों की अन्य प्रतिभावान लड़कियां भी खेल के मैदान में उतरने को प्रेरित होंगी. शिक्षा मंत्री के हाथों सम्मानित होना और व्यावसायिक लीग में अपनी पहचान बनाना सीतामढ़ी के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय की तरह है.
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