शक्तिनगर/सोनभद्र.@वीरेंद्र यादव……

जनपद में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी पर रोक लगाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर अभियान तो चलाया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके प्रभाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में अवैध चखना दुकानों और कथित ‘मिनी बार’ के संचालन की खबरें सामने आने के बाद आबकारी विभाग हरकत में आया और शक्तिनगर क्षेत्र में छापेमारी की कार्रवाई की गई। सोमवार को जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-2 रविनंदन और क्षेत्र-1 के आबकारी निरीक्षक विनोद कुमार अपनी टीम तथा शक्तिनगर थाना पुलिस के साथ संयुक्त अभियान पर निकले।
संयुक्त टीम ने शक्तिनगर थाना क्षेत्र के अंबेडकर नगर स्थित चिखना दुकानों पर प्रभावी दबिश दी। इस दौरान दुकानदारों को बैठाकर सख्त हिदायत दी गई कि दुकानों पर लोगों को बैठाकर शराब न पिलाई जाए और किसी भी प्रकार से अवैध ‘मिनी बार’ जैसी व्यवस्था न चलने दी जाए। इसके बाद टीम ने शक्तिनगर बस स्टैंड, स्वीपर बस्ती और कोटा बस्ती सहित कई संदिग्ध घरों, स्थलों और झुग्गी-झोपड़ियों में भी छापेमारी की।
दबिश के दौरान मौके से लगभग 25 लीटर कच्ची शराब और करीब 150 किलोग्राम लहन बरामद किया गया। आबकारी टीम ने मौके पर ही दो अवैध भट्ठियों को ध्वस्त कर दिया और लहन को नष्ट कर दिया। इस मामले में आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत दो अभियोग दर्ज करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शक्तिनगर और आसपास के क्षेत्रों में कई जगह चखना दुकानों की आड़ में खुलेआम शराब पिलाने का कारोबार चलता है।
इन दुकानों को लोग ‘मिनी बार’ के नाम से भी जानते हैं, जहां शाम होते ही भीड़ जुटने लगती है। ऐसे में केवल चेतावनी देकर छोड़ देने की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सिर्फ कार्रवाई का ‘भौकाल’ है या वास्तव में अवैध शराब के नेटवर्क पर सख्त प्रहार किया जाएगा। फिलहाल आबकारी विभाग का दावा है कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और भविष्य में भी ऐसे स्थानों पर नियमित छापेमारी की जाएगी।
लेकिन यह देखना बाकी है कि यह अभियान जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी साबित होता है और क्या वास्तव में अवैध ‘मिनी बार’ और कच्ची शराब के कारोबार पर लगाम लग पाती है या नहीं। आबकारी विभाग और प्रशासन की संयुक्त छापेमारी के दौरान मिनी बार की तर्ज पर अवैध चखना दुकान संचालन का वीडियो जारी किया गया, लेकिन वीडियो में दिख रहे एलपीजी गैस सिलेंडर, कुर्सी टेबल और अन्य समानों की जब्ती ना करने से कई तरह की शंकाएँ उत्पन्न होती है और लगता है की सब सिस्टम का पार्ट है।