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Mohammad Hussamuddin win gold: भारतीय बॉक्सर मोहम्मद हुसामुद्दीन को पहले रेफरी ने हारा हुआ बताया.बाद में गलती को ठीक करते हुए उन्हें विजेता घोषित किया गया. हुसामुद्दीन ने चोट के बाद लंबे समय बाद वापसी की और उन्होंने गोल्ड जीतकर अपना आत्विश्वास बढ़ाया. महिलाओं में निकहत जरीन और लवलीना ने भी गोल्ड अपने नाम किए.
चोट की वजह से हुसामुददीन लंबे समय से रिंग से बाहर थे.नई दिल्ली. वर्ल्ड चैंपियनशिप के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट भारतीय बॉक्सर मोहम्मद हुसामुद्दीन ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया. हुसामुद्दीन ने कड़े मुकाबले वाले फाइनल में सेना के अपने साथी मुक्केबाज और 60 किलोग्राम वर्ग के मौजूदा चैंपियन सचिन सिवाच को 3-2 के विभाजित फैसले में हराकर स्वर्ण पदक जीता. उनकी शुरुआत अच्छी नहीं रही थी लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की.
मुकाबला समाप्त होने के बाद थोड़ी देर के लिए भ्रम की स्थिति पैदा हो गई जब परिणाम पहले सचिन के पक्ष में घोषित किया गया, लेकिन कुछ ही क्षणों बाद इसे ठीक कर दिया गया. हुसामुद्दीन ने जीत के बाद कहा, ‘यह खिताब मेरे लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि इस साल कई टूर्नामेंट होने वाले हैं. इसके अलावा चोट के बाद वापसी करने पर मुझे यह साबित करना था कि मैं अभी भी अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं.’

चोट की वजह से हुसामुददीन लंबे समय से रिंग से बाहर थे.
विश्व कप के पदक विजेता जदुमणि सिंह ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखते हुए 55 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ पुरुषों के बाद भी चुना गया. मणिपुर के इस 21 वर्षीय मुक्केबाज ने सेमीफाइनल में दो बार के ओलंपियन और 2019 की विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता अमित पंघाल को पराजित किया था. फाइनल में उन्होंने सेना के अपने साथी पवन वर्त्वाल को हराया.
निकहत जरीन और लवलीना बोरगोहेन ने अपना दमदार प्रदर्शन जारी रखते हुए राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में महिला वर्ग में स्वर्ण पदक जीते. सेना खेल संवर्धन बोर्ड (एसएससीबी) ने 12 स्वर्ण पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल करके अपना दबदबा कायम रखा, जिसमें पुरुषों के वर्ग में नौ स्वर्ण पदक शामिल हैं. सेना के आदित्य प्रताप ने 65 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में हिमाचल प्रदेश के मौजूदा चैंपियन अभिनश जमवाल को 3-2 से हराकर बड़ा उलटफेर किया. जमवाल पिछले साल विश्व कप में तीन रजत पदक जीतकर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में शामिल थे.

निकहत ने विश्व चैंपियन नीतू घंघास को हराया
महिला वर्ग में तेलंगाना की निकहत ने 51 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में हरियाणा की 2023 की विश्व चैंपियन नीतू घंघास को सर्वसम्मत निर्णय से हराकर अपना तीसरा राष्ट्रीय चैंपियनशिप खिताब जीता. टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना ने भी अपनी ख्याति के अनुरूप प्रभावशाली प्रदर्शन किया. उन्होंने रेलवे की सनमाचा चानू को 5-0 से हराकर 75 किलोग्राम वर्ग का खिताब अपने नाम किया.
निकहत और लवलीना का इस जीत से आत्मविश्वास बढ़ेगा
निकहत और लवलीना का इस जीत से आत्मविश्वास बढ़ेगा क्योंकि इस साल एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल सहित कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताएं होनी हैं. निकहत ने बाद में कहा, ‘मैंने नए साल की शुरुआत एक चैंपियन के रूप में की है जो बहुत बढ़िया है. आज की मेरी प्रतिद्वंदी खुद एक विश्व चैंपियन थीं, इसलिए मुकाबला कड़ा था. इतनी बेहतरीन मुक्केबाजों के खिलाफ जीत से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है.’

पूजा रानी ने 10वां गोल्ड जीता
अखिल भारतीय पुलिस की मौजूदा विश्व चैंपियन मीनाक्षी हुडा (48 किलोग्राम) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता. सेना की एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार ने 54 किलोग्राम का खिताब अपने नाम किया और उन्हें चैंपियनशिप की सर्वश्रेष्ठ महिला मुक्केबाज घोषित किया गया. हरियाणा की दिग्गज मुक्केबाज पूजा रानी ने 80 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में अपनी ही राज्य की खिलाड़ी नैना को 5-0 से हराकर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 10वां स्वर्ण पदक जीता. स्वर्ण पदक जीतने वाली अन्य महिला खिलाड़ियों में रेलवे की मुक्केबाज प्राची (57 किग्रा), प्रिया (60 किग्रा) और अल्फिया खान (80 किग्रा से अधिक), सेना की प्रांजल यादव (65 किग्रा) और अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) शामिल हैं.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

