महुली/सोनभद्र. @आनंद गुप्ता…..

दुद्धी व्लाक के महुली क्षेत्रों के किसानो को बड़ी परेशानी का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र में स्थित सात गांवों के लिए एक संयुक्त लैम्पस बना हुआ है, जो वर्षों से किसानों के लिए धान क्रय केंद्र के रूप में कार्य करता आया है। इसी केंद्र के माध्यम से सरकार की निर्धारित मूल्य नीति के अनुसार किसानों की उपज की खरीद होती थी, जिससे उन्हें मेहनत का उचित मूल्य मिल पाता था।
परंतु इस बार स्थिति बिल्कुल अलग है।इस वर्ष लैम्पस पर धान क्रय केंद्र न खुलने के कारण किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है। सरकारी खरीद बंद होने से बिचौलिये और निजी व्यापारी इसका पूरा लाभ उठा रहे हैं। किसानों की मजबूरी इतनी बढ़ गई है कि वे बाजार भाव से भी कम दर पर धान बेचने को विवश हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति चरमरा गई है और खेती पर आने वाले खर्च की भरपाई भी मुश्किल हो गई है।
कई किसानों ने शिकायत की है कि उन्होंने समय पर धान की कटाई कर तैयार रखा, लेकिन केंद्र शुरू न होने से सरकारी खरीद की प्रक्रिया ठप पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही क्रय केंद्र पुनः शुरू नहीं हुआ तो अगली फसल के लिए उनके पास निवेश की कोई व्यवस्था नहीं बचेगी।
विरेन्द्र कनौजिया रमेश कुमार विनय कुमार विजेन्द्र कुमार बुद्धनाथ कनौजिया राजकिशोर सहित दर्जनों किसानो ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द धान क्रय केंद्र चालू करायें जाने की मांग किया है जिससे उन्हें अपनी धान का सही मूल्य मिल सके।
सरकारी पहल से ही किसानों का विश्वास और कृषि व्यवस्था दोनों को मजबूती मिल सकती है।