ओबरा/सोनभद्र. @सौरभ गोस्वामी….

चार दिनों तक चलने वाला लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा मंगलवार की सुबह उदीयमान आदित्य देव को अर्घ्य अर्पित करने के साथ सम्पन्न हो गयी।इसके पूर्व भोर लगभग चार बजे से ही छठ पूजा के विभिन्न गीत बजने के साथ ही ब्रती महिलाओं के साथ उनके परिजन पूजन का दउरा तथा ईख लेकर अपने-अपने पूजन घाट पर बने बेदी पर पहुंच कर पूरी श्रद्धा के साथ पूजन में जुट गए। रेणुका नदी छठ घाट पर हजारों की संख्या में महिला पुरुष श्रद्धालुओं संग जाते दिखाई दिए दे रहे थे।
जैसे ही भगवान सूर्य उदीयमान होने लगे ब्रतीयो तथा उनके परिजनों द्वारा दूसरा अर्घ्य अर्पण कर 36 घंटे का ब्रत पूरा कराया।वही ब्रती महिलाओं द्वारा संतान प्राप्ति, उनके कुशलता तथा पति की लंबी आयु का वरदान मांगते हुए पूजन का प्रसाद ग्रहण कर अपना ब्रत पूरा किया।इस ब्रत में सिंदूर का भी विशेष महत्व होता है, मान्यता है कि जितना लंबा सिंदूर होगा उतने ही लंबी पति की आयु होगी।

नहाए खाए से प्रारंभ होकर उदीयमान आदित्य देव को अर्घ्य अर्पित करने के पश्चात यह कठिन पूजा सम्पन्न हुयी। सुरक्षा को लेकर क्षेत्राधिकारी ओबरा हर्ष पांडेय तथा प्रभारी निरीक्षक ओबरा विजय कुमार चौरसिया के नेतृत्व में सभी पूजन घाटों पर महिला व पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी बल के जवानों की भारी संख्या में तैनाती की गई थी। साथ ही रेणुका नदी छठ घाट पर दमकल कर्मी तथा गोताखोर भी लगाए गए थे।
सोमवार की शाम बारिश हो जाने से कुछ श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। घाटों पर कीचड़ फीसलन हो जाने से लोग परेशान दिखाई दिए। हालांकि नगर पंचायत अध्यक्ष चांदनी व प्रतिनिधि श्रवण कुमार तथा अधिशासी अधिकारी मधुसूदन जायसवाल द्वारा करायी गयी व्यवस्थाओं की लोगों ने प्रशंसा भी किया।
इस अवसर पर समाज सेवी रमेश सिंह यादव, राज सुशील पासवान, विजय शंकर यादव सहित दर्जनों समाजसेवी तथा हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।
