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Who is Sujeet Kalkal: सुजीत कलकल ने पिछले वर्ष इसी चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था. लेकिन इस बार भारतीय पहलवान ने अपने पदक का रंग बदल दिया. खेल सीखने के साथ-साथ सुजीत ने पढ़ाई पर भी ध्यान केंद्रित किया. 12वीं की परीक्षा में 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक प्राप्त किए. उन्होंने जेईई की तैयारी के बारे में भी सोचा, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि इंजीनियरिंग नहीं, कुश्ती ही उनका असली करियर है.
पहलवान सुजीत कलकल 22 साल की उम्र में बने विश्व चैंपियन. नई दिल्ली. भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ने अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में पुरुषों की फ्रीस्टाइल 65 किग्रा वर्ग में उज्बेकिस्तान के उमिदजोन जलोलोव को 10-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. यह मुकाबला चार मिनट 54 सेकंड तक चला. इसके बाद रेफरी ने सुजीत कलकल को विजेता घोषित किया. कलकल ने अपने प्रतिद्वंद्वी पर पूर्ण नियंत्रण दिखाते हुए श्रेष्ठता के आधार पर जीत हासिल की. खेल सीखने के साथ-साथ सुजीत ने पढ़ाई पर भी ध्यान केंद्रित किया. 12वीं की परीक्षा में 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक प्राप्त किए. उन्होंने जेईई की तैयारी के बारे में भी सोचा, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि इंजीनियरिंग नहीं, कुश्ती ही उनका असली करियर है.

पहलवान सुजीत कलकल 22 साल की उम्र में बने विश्व चैंपियन.
सुजीत कलकल के कोच कुलदीप सिंह सहरावत ने बताया कि उसने मुकाबले से पहले मुझे फोन किया था. कुलदीप ने कहा, मैं उनसे बस यही कह रहा था कि बस अपना सर्वश्रेष्ठ दो. और नतीजे की चिंता न करो. लेकिन सुजीत बहुत आश्वस्त था. वह फाइनल को लेकर चिंतिम नहीं था.’ इस 22 वर्षीय पहलवान का आत्मविश्वास और भी बढ़ गया था क्योंकि उसने टूर्नामेंट की अपनी दो सबसे कठिन चुनौतियों को पहले ही पार कर लिया था. रूस के दो बार के अंडर-23 विश्व चैंपियन बशीर मागोमेदोव और जापान के पूर्व जूनियर विश्व चैंपियन युतो निशियुची के खिलाफ रविवार को क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में जीत दर्ज कर सुजीत आत्मविश्वास से ओतप्रोत थे. दोनों ही मुकाबले बेहद रोमांचक रहे, जिसमें सुजीत ने आखिरी क्षणों में गोल करके पिछड़ने के बाद वापसी की. सुजीत को मागोमेदोव के खिलाफ 4-2 और निशियुची के खिलाफ 3-2 से जीत मिली.

सुजीत कलकल ने अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार खेल का प्रदर्शन किया. पांच मुकाबलों में से उन्होंने केवल एक ही टेकडाउन (मोल्दोवा के फियोडोर चेवदारी के खिलाफ) किया. निशियुची और मागोमेदोव ने केवल स्टेप-आउट और पैसिविटी कॉल के ज़रिए ही अंक बनाए. अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में जीतना खेल में सबसे बड़ा खिताब नहीं है, लेकिन सीनियर विश्व चैंपियनशिप में जो हुआ, उसके बाद सुजीत को यह आत्विवास मिलेगा कि वह शीर्ष स्तर के पहलवान हैं.

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से… और पढ़ें
