रेणुकूट/सोनभद्र. @अमिताभ मिश्रा…

क्षेत्र के कटौधी ग्राम पंचायत में पांच दिवसीय करम डार महोत्सव का भव्य आयोजन उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। 21 अक्टूबर से शुरू हुए इस कार्यक्रम का समापन रविवार को किया गयाl आदिवासी समाज की आस्था और संस्कृति से जुड़े इस महोत्सव में प्रकृति पूजा के रूप में करम के पेड़ की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। मान्यता है कि करम देव प्रकृति, समृद्धि और भाई-बहन के स्नेह के संरक्षक माने जाते हैं, इसलिए सर्वप्रथम करम वृक्ष की पूजा कर महोत्सव का शुभारंभ किया गया।
महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झड़ी लगी रही। रात्रि भर पारंपरिक कर्मा व शैला नृत्य की प्रस्तुति ने समां बांधे रखा। मृदंग की लय पर कलाकारों की तालबद्ध प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में जनपद के सभी ब्लॉकों से आदिवासी समुदाय के लोग शामिल हुए, वहीं पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं व कलाकारों की उपस्थिति रही, जिससे आयोजन में अलग ही रंग भर गया।
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी करम डार महोत्सव का आयोजन ग्राम पंचायत अधिकारी रामनारायण सिंह के आवास परिसर में किया गया, जहां हजारों की संख्या में आदिवासी महिलाएं, पुरुष एवं युवा शामिल होकर अपनी परंपराओं का उत्सव मनाते हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आए म्योरपुर ब्लॉक प्रमुख मानसिंह गोंड़ को सम्मानित किया गयाl
इस दौरान डॉ. लवकुश प्रजापति, देवशाय उरेती, आशुतोष श्रीवास्तव, जयमंगल सिंह, शोभनाथ मरकाम, रुपनारायण नेटी जगमोहन सिंह,रामकेश गोंड़, डॉ राजनारायण, हृदयनारायण सिंह,रामकुँवर देवी, सावित्री,नीरज सिंह, चित्रांशु, हिमांशु सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन रामसूरत सिंह ने किया।पांच दिवसीय महोत्सव ने न केवल प्रकृति संरक्षण एवं सांस्कृतिक विरासत के संदेश को बल दिया बल्कि आदिवासी परंपराओं की अनूठी झलक भी प्रस्तुत की।