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कैंडी क्रश और टिंडर सहित कुछ सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल ऐप कथित तौर पर यूजर्स की जानकारी के बिना उनके संवेदनशील लोकेशन डेटा को इकट्ठा कर रहे हैं. पूरी डिटेल यहां जानें
नई दिल्ली. आप अगर कैंडी क्रश खेलते हैं या टिंडर ऐप पर ज्यादा वक्त गुजारते हैं तो आपको ये खबर जरूर पढ़नी चाहिए. 404 मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, कैंडी क्रश और टिंडर सहित कुछ सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रहे मोबाइल ऐप कथित तौर पर यूजर्स की जानकारी के बिना ही उनके संवेदनशील लोकेशन डेटा एकत्र कर रहे हैं. ये खतरा एंड्रॉइड और आईओएस दोनों के लिए समान रूप से है. रिपोर्ट के अनुसार एडवरटाइजिंग इकोसिस्टम के जरिये ये ऐप डेटा इकट्ठा कर सकते हैं. इससे यूजर की गोपनीयता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो सकती हैं.
माना जा रहा है कि यह डेटा लोकेशन डेटा ब्रोकर ग्रेवी एनालिटिक्स के पास पहुंच गया है, जिसकी सहायक कंपनी वेन्टेल ने पहले भी ऐसी जानकारी अमेरिकी लॉ इंफोर्समेंट एजेंसी को बेची है.
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कैसे जुटाते हैं डेटा?
रिपोर्ट से पता चलता है कि डेटा कलेक्शन का काम रियल-टाइम बिडिंग (RTB) सिस्टम के जरिये होता है, जहां कंपनियां ऐप के भीतर विज्ञापन दिखाने के लिए बोली लगाती हैं. जब ये विज्ञापन चलते हैं, तो ग्रेवी एनालिटिक्स जैसे डेटा ब्रोकर कथित तौर पर ऐप डेवलपर्स की प्रत्यक्ष भागीदारी के बिना भी यूजर्स के लोकेशन डेटा को इंटरसेप्ट और इकट्ठा करने में सक्षम होते हैं. इस प्रक्रिया को ऐप क्रिएटर खुद कंट्रोल नहीं करते हैं. इसका मतलब ये हुआ कि यूजर इस बात से अनजान रहते हैं कि उनके लोकेशन की निगरानी की जा रही है.
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साइबरसिक्यूरिटी फर्म साइलेंट पुश के जैक एडवर्ड्स सहित सुरक्षा विशेषज्ञ इस डेटा हार्वेस्टिंग के पैमाने से चिंतित हैं. रिपोर्ट के अनुसार, एडवर्ड्स ने कहा कि यह पहली बार है जब जनता के पास ठोस सबूत हैं जो दिखाते हैं कि कुछ डेटा ब्रोकर्स ऐप में एम्बेड किए गए कोड के बजाय विज्ञापन बिड स्ट्रीम से यूजर की जानकारी निकाल रहे हैं.
एंड्रॉयड फोन और आईफोन यूजर्स अपने डेटा को कैसे सुरक्षित रखें?
एक्सपर्ट इस बारे में सुझाव देते हैं कि स्मार्टफोन यूजर्स ऐप्स को लोकेशन परमिशन देते समय सावधान रहें और ऐप गोपनीयता नीतियों को अधिक सावधानी से देखें. एंड्रॉइड यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे उन ऐप्स को स्थान और कैमरा एक्सेस न दें, जिनमें बिना इसके भी काम चलाया जा सकता है. ट्रैकिंग और डेटा संग्रह को सीमित करने के लिए iPhone यूजर ऐप इंस्टॉल करने के बाद “ऐप्स को ट्रैक न करने के लिए कहें”.
New Delhi,Delhi
January 15, 2025, 12:21 IST