संवाददाता@वीरेंद्र यादव….
प्रभात फेरी, पौधारोपण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सम्मान समारोह के साथ यादगार बना स्थापना दिवस

एनटीपीसी लिमिटेड का 52वां स्थापना दिवस एनटीपीसी सिंगरौली में हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह का मुख्य आकर्षण चिल्का झील परिसर में 150 फुट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का भव्य उद्घाटन एवं ध्वजारोहण रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक ई. प्रभाकर राव तथा वनिता समाज की अध्यक्षा श्रीमती ई. निर्मला राव उपस्थित रहीं।

समारोह की शुरुआत केंद्रीय विद्यालय परिसर से हुई, जहां ब्रिक्स सतत जीवनशैली सप्ताह-2026 के तहत विद्यार्थियों ने आकर्षक मानव आकृति बनाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद केंद्रीय विद्यालय से चिल्का झील तक प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

चिल्का झील परिसर में मुख्य अतिथि ने 150 फुट ऊंचे राष्ट्रीय ध्वज का उद्घाटन कर ध्वजारोहण किया। राष्ट्रगान के बीच लहराता विशाल तिरंगा उपस्थित लोगों के लिए गौरव और देशभक्ति का प्रतीक बना।

इस दौरान मुख्य अतिथि एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। प्रशासनिक भवन पार्क और सेवा भवन पार्क में एनटीपीसी ध्वज फहराया गया तथा एनटीपीसी गीत की प्रस्तुति हुई। स्थापना दिवस पर केक काटा गया और रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाकर संगठन की निरंतर प्रगति की कामना की गई।

अपने संबोधन में ई. प्रभाकर राव ने कहा कि एनटीपीसी की 52 वर्षों की यात्रा राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति समर्पण की प्रेरक कहानी है। उन्होंने कहा कि देश की प्रथम सुपर ताप विद्युत परियोजना के रूप में एनटीपीसी सिंगरौली की विशिष्ट पहचान है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, कौशल विकास और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी परियोजना निरंतर योगदान दे रही है।

समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं तथा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ महाप्रबंधकों, विभागाध्यक्षों, सीआईएसएफ कमांडेंट विवेक आर्य, यूनियन एवं एसोसिएशन प्रतिनिधियों, कर्मचारियों और उनके परिवारजनों ने सहभागिता की। अंत में सामूहिक भोज के साथ समारोह का समापन हुआ।