ब्यूरो@जे0 के0…..
सीएचसी के सामने बेखौफ चल रहे थे निजी जांच केंद्र, निरीक्षण में खुली पोल; एमबीबीएस डिग्री धारक की तैनाती समेत कई मानकों में मिलीं गंभीर खामियां

Sonbhadra। म्योरपुर में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध और मानकों के विपरीत संचालित हो रहे निजी चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ बुधवार को बड़ा शिकंजा कसा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ठीक सामने संचालित छह पैथोलॉजी सेंटरों समेत एक डेंटल क्लीनिक पर छापेमारी कर उन्हें सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की इस अचानक कार्रवाई से निजी जांच केंद्रों के संचालकों में खलबली मच गई।
जानकारी के मुताबिक, झोलाछाप चिकित्सकों के नोडल अधिकारी एवं एडिशनल सीएमओ डॉ. जीएस यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने म्योरपुर सीएचसी के सामने संचालित पैथोलॉजी सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान एक के बाद एक छह पैथोलॉजी सेंटरों में कई अनियमितताएं सामने आईं। बताया गया कि इन केंद्रों पर एमबीबीएस डिग्री धारक चिकित्सक की तैनाती नहीं थी। इसके अलावा संचालन से जुड़े निर्धारित मानकों और आवश्यक व्यवस्थाओं में भी खामियां पाई गईं।

निरीक्षण में अनियमितताएं उजागर होने के बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी छह पैथोलॉजी सेंटरों को सील कर दिया। इसके बाद सोनभद्र डेंटल के नाम से संचालित क्लीनिक की भी जांच की गई। यहां भी नियमों के विपरीत संचालन और खामियां मिलने पर अधिकारियों ने क्लीनिक को सील कर दिया।

सीएचसी के सामने ही चल रहे थे जांच केंद्र, फिर भी मानकों की अनदेखी! स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई ने निजी चिकित्सा संस्थानों के संचालन और उनकी निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि आखिर इतने दिनों से ये संस्थान किन मानकों के आधार पर संचालित हो रहे थे और इनकी नियमित जांच क्यों नहीं हुई?
कार्रवाई के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र म्योरपुर के अधीक्षक डॉ. शिशिर श्रीवास्तव सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम और भारी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य निजी पैथोलॉजी सेंटरों और क्लीनिक संचालकों में भी हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।