संवाददाता@उमेश सिंह……
निष्पक्ष जांच और मुकदमे में गंभीर धाराएं बढ़ाने का डर दिखाकर वसूली का आरोप, सीओ पिपरी को सौंपी गई जा

अनपरा थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है।एक युवक ने तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक अशोक सिंह पर मुकदमे में गंभीर धाराएं बढ़ने से बचाने के नाम पर 35 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है।मुख्यमंत्री और पुलिस के उच्चाधिकारियों तक पहुंचने के बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उपनिरीक्षक अशोक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच शुरू करा दी गई है।
अनपरा थाना क्षेत्र के मुडीसेमर डिबुलगंज निवासी सूरज भारती के अनुसार, करीब छह माह पूर्व गांव की पूजा देवी के साथ उनका विवाद हुआ था।उस समय दरोगा अशोक सिंह ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का आश्वासन दिया था। आरोप है कि इसी विवाद को लेकर 11 सितंबर को पूजा देवी ने अपनी नाबालिग बेटी के माध्यम से उनके खिलाफ छेड़खानी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अशोक सिंह कर रहे थे।

सूरज भारती का आरोप है कि जब उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की तो दरोगा ने कथित तौर पर उच्चाधिकारियों को मैनेज करने के नाम पर रुपये की जरूरत बताई। साथ ही चेतावनी दी कि रुपये नहीं देने पर मुकदमे में दुष्कर्म की धारा बढ़ सकती है और उन्हें जेल जाना पड़ सकता है।इस डर से उन्होंने पहले 25 हजार रुपये दिए।इसके बाद फाइनल रिपोर्ट लगाने का आश्वासन मिलने पर अलग-अलग समय पर कुछ और रकम भी दी।
उनका दावा है कि इस तरह कुल 35 हजार रुपये दिए गए। इस मामले में मुख्यमंत्री और पुलिस के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी।सोशल मीडिया पर भी प्रकरण से संबंधित पोस्ट साझा की गई।शिकायतकर्ता ने दरोगा के साथ हुई बातचीत के वीडियो और अन्य साक्ष्य होने का दावा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।

शिकायत पर एसपी की कार्रवाई, विभागीय जांच शुरूमामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पांडेय को जांच सौंपी है।वहीं, आरोपों की गंभीरता को देखते हुए संबंधित उपनिरीक्षक अशोक सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
इस संबंध में सीओ पिपरी हर्ष पांडेय ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की विभागीय जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई के बाद अनपरा क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।