संवाददाता@रामबली मिश्रा..
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर कवियों ने देशभक्ति, सामाजिक विसंगतियों और जनसमस्याओं पर रचनाओं से बांधा समां

लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर शनिवार को शहीद स्थल करारी एवं सोनभद्र बार एसोसिएशन के साहित्य प्रकोष्ठ के संयुक्त संयोजन में बार सभागार कचहरी में काव्य संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कवियों ने देशभक्ति, राष्ट्र की अखंडता, सामाजिक विसंगतियों, महंगाई, दहेज प्रथा और प्रेम जैसे विषयों पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि ईश्वर विरागी ने की। इस अवसर पर दिवाकर द्विवेदी मेघ, अजय चतुर्वेदी कक्का तथा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक श्रीवास्तव और महामंत्री योगेश कुमार द्विवेदी ने मां सरस्वती एवं सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

आयोजक प्रद्युम्न त्रिपाठी ने वाणी वंदना के बाद अपनी रचना ‘फिर से हमें पटेल चाहिए, आतंकियों पर नकेल चाहिए, राष्ट्र अखंडता रहे सुरक्षित, अपराधियों को जेल चाहिए’ सुनाकर देश की एकता और सुरक्षा का संदेश दिया। कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान ने प्रेम और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी रचना प्रस्तुत कर श्रोताओं को प्रभावित किया। धर्मेश चौहान एडवोकेट ने ‘देश से कुछ भी बड़ा नहीं इंसान के लिए, तन-मन हमारा अर्पित हिंदुस्तान के लिए’ सुनाकर राष्ट्रभक्ति का भाव जगाया।
प्रभात सिंह चंदेल ने महंगाई और सीमा संबंधी मुद्दों पर अपनी ओजपूर्ण रचना से माहौल में ऊर्जा भर दी। संचालक अशोक तिवारी ने शायरी के माध्यम से बेसहारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। दिवाकर द्विवेदी मेघ ने सामाजिक विसंगतियों पर कटाक्ष किया।