मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…
…ऑनलाइन शॉपिंग का मोह छोड़ स्थानीय बाजारों से खरीदारी करने की अपील,आपके छोटे से सहयोग से रोशन होंगे हजारों परिवारों के घर

दीपावली केवल अपने घर को रोशनी से सजाने और खुशियां मनाने का त्योहार नहीं है, बल्कि दूसरों के जीवन में भी खुशियों का उजाला भरने का अवसर है। इस बार दीपावली पर बाजार से खरीदारी करते समय एक छोटा सा फैसला हजारों परिवारों की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकता है।

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, सोनभद्र के जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों और बड़े कॉरपोरेट प्लेटफॉर्म के बजाय स्थानीय बाजारों और छोटे दुकानदारों से दीपावली का सामान खरीदें।

राजेश गुप्ता ने कहा कि दीपावली पर घरों को रोशन करने के लिए मिट्टी के दीये, मोमबत्तियां और रूई की बत्तियां खरीदते समय उन कुम्हारों और कारीगरों को जरूर याद रखें, जो कई दिनों की मेहनत से इन वस्तुओं को तैयार करते हैं।

पूजा सामग्री, मिठाइयां, कपड़े और सजावट का सामान भी अपने आसपास की दुकानों से खरीदें। इससे स्थानीय व्यापार को मजबूती मिलेगी और छोटे कारोबारियों के परिवारों में भी त्योहार की खुशियां पहुंचेंगी।

उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि जब हम किसी स्थानीय दुकानदार से मिट्टी का एक दीया खरीदते हैं, तो हम सिर्फ अपने घर को रोशन करने का सामान नहीं खरीदते, बल्कि उस कुम्हार के घर में भी उम्मीद का एक दीप जलाते हैं, जिसने अपनी मेहनत से उसे बनाया है।

इसी तरह मोमबत्ती बनाने वाले कारीगर, रूई की बत्ती तैयार करने वाले परिवार, मिठाई विक्रेता और छोटे कपड़ा व्यापारी भी हमारी खरीदारी से अपने बच्चों की खुशियों और परिवार की जरूरतों को पूरा कर पाते हैं।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कंपनियों से होने वाली खरीदारी का लाभ स्थानीय बाजारों तक नहीं पहुंच पाता, जबकि स्थानीय दुकानों से खरीदा गया सामान क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है। इसलिए इस दीपावली ‘लोकल फॉर वोकल’ को केवल नारा नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी बनाएं।

राजेश गुप्ता ने कहा कि इस बार दीपावली पर खरीदारी करते समय सिर्फ यह न देखें कि सामान कितना सस्ता मिल रहा है, बल्कि यह भी सोचें कि हमारी खरीदारी से किसके घर में चूल्हा जलेगा।

उन्होंने कहा कि हमारी छोटी-सी खरीदारी किसी कुम्हार के बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला सकती है और किसी छोटे दुकानदार के परिवार की दीपावली खुशहाल बना सकती है।

अंत में उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि इस दीपावली संकल्प लें कि अपने घरों को रोशन करने के साथ उन हाथों को भी मजबूत करेंगे, जो हमारे लिए खुशियों के सामान तैयार करते हैं। क्योंकि दीपावली की असली रोशनी तभी सार्थक होगी, जब खुशियां केवल हमारे घर तक सीमित न रहकर उन हजारों परिवारों तक भी पहुंचें, जिनकी मेहनत से हमारा त्योहार जगमगाता है।