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जया बच्चन हिंदी सिनेमा की उन एक्ट्रेसेस में से एक हैं, जिन्होंने अपनी शानदार अदाकारी से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई. लेकिन अमिताभ बच्चन से शादी के बाद उन्होंने अपने सफल फिल्मी करियर से दूरी बना ली थी. आखिर जया ने एक्टिंग छोड़ने का फैसला क्यों किया था? साल 2007 में करण जौहर के चैट शो ‘कॉफी विद करण’ में उन्होंने इसकी वजह बताई थी. जया ने खुलासा किया था कि अमिताभ बच्चन नहीं चाहते थे कि उनकी पत्नी 9 से 5 बजे तक काम करने वाली हो, वहीं बेटी श्वेता की एक बात ने भी उन्हें एक्टिंग छोड़ने पर मजबूर कर दिया था.
नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री जया बच्चन ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक शानदार फिल्में दी हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमिताभ बच्चन से शादी के बाद उन्होंने करीब 17 साल तक फिल्मों से दूरी बना ली थी. इस बात का खुलासा खुद जया ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि आखिर उन्होंने एक्टिंग छोड़ने का फैसला क्यों किया था. उन्होंने इसके पीछे अमिताभ को वजह बताया था.
जब अमिताभ फिल्मों में संघर्ष कर रहे थे, उस वक्त जया फिल्मी दुनिया की टॉप एक्ट्रेस थीं. उन्होंने अमिताभ संग उस वक्त फिल्म में काम किया, जिस वक्त कोई हीरोइन उनके साथ काम नहीं करना चाहती थीं. लेकिन फिर भी अमिताभ की वजह से उन्होंने अपने एक्टिंग करियर को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था. आइए जानते हैं क्यों.
साल 2007 में जया बच्चन करण जौहर के मशहूर चैट शो ‘कॉफी विद करण’ के दूसरे सीजन में पहुंची थीं. इस दौरान करण ने उनसे पूछा कि करियर के शिखर पर होने के बावजूद उन्होंने एक्टिंग से दूरी क्यों बना ली थी. इस पर जया ने बताया कि अमिताभ बच्चन ने उनसे कहा था कि वह ऐसी पत्नी नहीं चाहते जो सुबह 9 से शाम 5 बजे तक काम में बिज रहे. जया ने बताया कि शादी के बाद अमिताभ अपने काम में काफी व्यस्त हो गए थे. ऐसे में उन्हें लगा कि बच्चों की परवरिश के लिए माता-पिता में से किसी एक का उनके साथ रहना जरूरी है. इसी वजह से उन्होंने परिवार को प्राथमिकता देने का फैसला किया.
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जया बच्चन ने बातचीत के दौरान बेटी श्वेता से जुड़ा एक भावुक किस्सा भी साझा किया. उन्होंने बताया कि एक बार जब वह शूटिंग के लिए तैयार हो रही थीं, तब श्वेता ने उनसे पूछा कि वह कहां जा रही हैं. श्वेता ने उनसे कहा था कि वह न जाएं और पापा को जाने दें. जया ने बताया कि बेटी की यह बात सुनकर उन्हें काफी बुरा लगा था. बच्चों के साथ समय बिताने और उनकी परवरिश पर ध्यान देने की इच्छा ने भी उनके एक्टिंग से दूर रहने के फैसले में अहम भूमिका निभाई.
जया बच्चन ने साल 1971 में ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म ‘गुड्डी’ से बतौर अभिनेत्री अपने करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसी स्कूली लड़की का किरदार निभाया था, जो फिल्म स्टार धर्मेंद्र की दीवानी होती है. फिल्म में धर्मेंद्र ने खुद की भूमिका निभाई थी. इसके बाद जया ने ‘उपहार’ (1971), ‘कोशिश’ (1972), ‘जंजीर’ (1973), ‘अभिमान’ (1973), ‘कोरा कागज’ (1974), ‘चुपके चुपके’ (1975), ‘मिली’ (1975), ‘शोले’ (1975) और ‘सिलसिला’ (1981) जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया. इन फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा की बेहतरीन अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया.
जया बच्चन और अमिताभ बच्चन ने साल 1973 में शादी की थी. शादी के बाद जया ने धीरे-धीरे फिल्मों से दूरी बना ली और अपना पूरा ध्यान परिवार और बच्चों पर लगा दिया. उन्होंने करीब 17 साल तक फिल्मों में काम नहीं किया.हालांकि, एक्टिंग से दूर रहने के बावजूद जया की लोकप्रियता कम नहीं हुई. उनके पुराने किरदार और फिल्में आज भी दर्शकों के बीच पसंद की जाती हैं.
लंबे ब्रेक के बाद जया बच्चन ने साल 1998 में गोविंद निहलानी की फिल्म ‘हजार चौरासी की मां’ से बड़े पर्दे पर वापसी की. इस फिल्म में उनके अभिनय को सराहना मिली और उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि उनकी अदाकारी में कितनी गहराई है.
जया बच्चन की कहानी बताती है कि करियर में सफलता हासिल करने के बाद भी उन्होंने परिवार को प्राथमिकता दी. हालांकि, उनका फिल्मी सफर यहीं नहीं रुका. बाद के वर्षों में भी उन्होंने कई फिल्मों में काम किया और अपनी दमदार अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता.

