संवाददाता@ख्वाजा खान……
— IGRS शिकायत की समय सीमा बीतने के बाद भी निस्तारण आख्या अपलोड नहीं, PWD की कार्यशैली पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश सरकार के त्वरित समाधान और समयबद्ध शिकायत निस्तारण के दावों के बीच बभनी क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सड़क समस्या का मामला विभागीय कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। घघरी पुनर्वास स्थापना के दशकों बाद भी घघरी से बभनी मुख्य संपर्क मार्ग पक्की सड़क से वंचित है। इसको लेकर स्थानीय युवा उमा प्रसाद उर्फ उमंग गुप्ता ने जनसुनवाई (IGRS) पोर्टल पर संदर्भ संख्या 40020026014048 के तहत शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत के निस्तारण की निर्धारित समयसीमा 17 अगस्त थी, लेकिन समयसीमा बीतने के बाद भी अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड सोनभद्र की ओर से पोर्टल पर निस्तारण आख्या अपलोड नहीं की गई। इससे शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया और विभागीय जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

उमा प्रसाद उर्फ उमंग गुप्ता के अनुसार करीब दो किलोमीटर लंबे इस मुख्य संपर्क मार्ग से तीन हजार से अधिक लोगों का आवागमन निर्भर है। यह मार्ग ब्लॉक मुख्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, इंटर कॉलेज और थाना क्षेत्र को जोड़ता है। सड़क की सुविधा नहीं होने से मरीजों, छात्रों, किसानों और अन्य ग्रामीणों को करीब 15 से 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है।
समस्या के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा हाल के दिनों में दो बार धरना-प्रदर्शन भी किया जा चुका है। इसके अलावा संबंधित विभागों को पत्र और ज्ञापन देकर सड़क निर्माण व मरम्मत की मांग की गई, लेकिन अब तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागों के बीच समन्वय के अभाव और लगातार टालमटोल के कारण समस्या बनी हुई है।
समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर उमंग गुप्ता ने IGRS पोर्टल पर अनुस्मारक दर्ज कराते हुए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कर सड़क निर्माण एवं मार्ग की मरम्मत की दिशा में कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ बैठक कर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द सड़क समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।


