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Sanjay Nishad Controversial Statement: योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद का एक बेहद भड़काऊ और विवादित बयान सामने आया है. सुल्तानपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए संजय निषाद ने खुलेआम अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर उन पर कोई हाथ उठाए, तो उसका हाथ तोड़कर या काटकर फेंक दें, जमानत हम करवाएंगे. इसी दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) और सुल्तानपुर के सांसद रामभुआल निषाद पर भी बड़ा खुलासा करते हुए निषाद वोटबैंक को लेकर तीखे हमले किए.
संजय निषाद का विवादित बयान.
सुल्तानपुर: निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और एनडीए सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं. रविवार को एक जनसभा में उन्होंने एक बार विवादित बयान दिया है. साथ ही उन्होंने निषाद समाज के समर्थन में बड़ी बात कही है. सुल्तानपुर में अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने खुले मंच से हिंसा भड़काने वाली भाषा का इस्तेमाल किया, जिसका वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है.
सुल्तानपुर की जनसभा में जोश में आकर डॉ. संजय निषाद ने अपने कार्यकर्ताओं को खुली चेतावनी और छूट देते हुए कहा, ‘अगर कोई आप पर हाथ उठाए, तो घबराना मत. उसका हाथ तोड़कर या काटकर फेंक देना. पुलिस और कानून की चिंता मत करना, तुम्हारी जमानत हम करवाएंगे.’ इसके अलावा, उन्होंने अपने समर्थकों से हर घर पर निषाद पार्टी का झंडा फहराने की अपील करते हुए कहा कि यह झंडा बच्चों के भविष्य, शिक्षा, सम्मान और सुरक्षा की गारंटी है. उन्होंने यहां तक कहा कि अगर दूसरी पार्टी का कोई नेता मोहल्ले में अपना झंडा लेकर आए, तो उसका स्वागत करने के बजाय उसे वहां से भगा देना चाहिए.
रामभुआल निषाद को लेकर किया बड़ा खुलासा
अपने विवादित बयानों के साथ-साथ संजय निषाद ने सुल्तानपुर के वर्तमान समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद रामभुआल निषाद को लेकर भी एक बड़ा दावा किया. उन्होंने बताया कि जब सपा ने रामभुआल निषाद को सुल्तानपुर से अपना प्रत्याशी बनाया था, तब उन्होंने (संजय निषाद ने) अपने समाज के खिलाफ जाकर प्रचार करने से साफ इनकार कर दिया था.
संजय निषाद ने कहा, ‘मैंने उसी समय कह दिया था कि मैं अपने निषाद समाज के खिलाफ प्रचार नहीं करूंगा. मैं सिर्फ नामांकन प्रक्रिया में शामिल हुआ था और उसके बाद समाज के खिलाफ कोई प्रचार नहीं किया.’ उनके इस बयान को यूपी में निषाद वोटबैंक को एकजुट करने और एनडीए के भीतर अपनी अहमियत साबित करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, उनके इस भड़काऊ बयान पर अभी तक किसी अन्य राजनीतिक दल या पुलिस-प्रशासन की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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