• Privacy Policy
Sonebhadra Live
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

धान-गेहूं छोड़ पकड़ी बागवानी की राह, 4 में अमरूद और 16 एकड़ में उगाया पपीता, बहराइच के किसान की बदल गई किस्मत

Admin by Admin
October 4, 2026
in उत्तर प्रदेश
0
धान-गेहूं छोड़ पकड़ी बागवानी की राह, 4 में अमरूद और 16 एकड़ में उगाया पपीता, बहराइच के किसान की बदल गई किस्मत


बहराइच: खेती में लागत बढ़ने के साथ किसानों के लिए अच्छी कमाई करना भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. ऐसे में बहराइच के किसान बृज मोहन उपाध्याय ने खेती का तरीका बदलकर अपनी आमदनी बढ़ाई. पहले वह धान और गेहूं की पारंपरिक खेती करते थे, लेकिन कृषि विभाग से मिली सलाह के बाद उन्होंने फलदार बागवानी शुरू कर दी. अब वह पपीते और अमरूद की खेती से हर साल लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं.

बहराइच के मछिया बुजुर्ग गांव, चित्तौरा ब्लॉक के रहने वाले बृज मोहन उपाध्याय बताते हैं कि शुरुआत में उनका पूरा ध्यान धान और गेहूं की खेती पर था. बाद में उनकी मुलाकात कृषि उद्यान विभाग के अधिकारियों से हुई. वहां से उन्हें फलदार बागवानी और फसल में बदलाव को लेकर जानकारी मिली. इसी सलाह के बाद उन्होंने खेती में बदलाव करने का फैसला लिया.

4 एकड़ में लगा रखा है ताइवानी पिंक अमरूद का बाग

बृज मोहन ने बताया कि उन्होंने 4 एकड़ जमीन में ताइवानी पिंक अमरूद का बाग लगाया है. उनके मुताबिक, एक अमरूद के पौधे पर सालभर में करीब 200 रुपये का रखरखाव खर्च आता है. उन्होंने बताया कि अमरूद का बाग लगाने के बाद लंबे समय तक उत्पादन लिया जा सकता है. उनके मुताबिक, एक बार बाग तैयार होने के बाद करीब 15 साल तक इससे उत्पादन और कमाई की उम्मीद रहती है. फिलहाल उनका अमरूद का बाग करीब एक साल पुराना है. बृज मोहन के अनुसार, चारों एकड़ से सालाना करीब 4 लाख से 4.5 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा आसानी से हो जाता है.

16 एकड़ में कर रहे पपीते की खेती

Advertisement
Advertisement
Advertisement

अमरूद के साथ बृज मोहन ने बड़े स्तर पर पपीते की खेती भी शुरू की है. वह करीब 16 एकड़ जमीन में पपीते की खेती कर रहे हैं. उनके मुताबिक, पपीते की खेती में एक एकड़ पर सालभर में करीब 40 हजार से 70 हजार रुपये तक खर्च आता है. वहीं एक एकड़ की फसल करीब 1 लाख से 1.5 लाख रुपये तक में बिक जाती है. सभी खर्च निकालने के बाद उन्हें एक एकड़ से करीब 70 हजार से 80 हजार रुपये तक का शुद्ध मुनाफा हो जाता है. इसी वजह से उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ फलदार खेती को भी अपनी कमाई का जरिया बनाया है.

कृषि विज्ञान केंद्र और उद्यान विभाग से मिली मदद

बृज मोहन अपनी खेती में कृषि विज्ञान केंद्र और उद्यान विभाग के सहयोग को भी अहम मानते हैं. उनके मुताबिक, पौधों के बीज, अच्छी गुणवत्ता की सामग्री और खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी समय पर मिलने से उन्हें काफी मदद मिली. वह बताते हैं कि खेती में सही समय पर सही जानकारी मिलना बहुत जरूरी है. कृषि और उद्यान विभाग से मिले मार्गदर्शन की वजह से उन्हें फलदार बागवानी को समझने और उसे बेहतर तरीके से करने में मदद मिली.

दूसरे किसानों को भी खेती में बदलाव की सलाह

बृज मोहन का कहना है कि जिन किसानों को पारंपरिक खेती में लागत और मुनाफे का संतुलन ठीक नहीं लग रहा है, उन्हें खेती के दूसरे विकल्पों पर भी विचार करना चाहिए. उनके मुताबिक, धान और गेहूं के साथ पपीता और अमरूद जैसी व्यावसायिक फसलों और फलदार बागवानी को अपनाया जा सकता है. उनका मानना है कि खेती में सही फसल का चुनाव और सही तकनीक अपनाने से लागत को संभालने और आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सकती है.



Source link

Post Views: 6
Previous Post

एशियन गेम्स 2026 क्लोजिंग सेरेमनी कितने बजे शुरू होगा? कौन होगा भारत का फ्लैग बियरर, फ्री में यहां देख सकते हैं लाइव

Next Post

‘हमारा रिश्ता इतना गहरा था कि…’, गुरमीत की फैन का कैंसर से निधन, एक्टर हुए इमोशनल, ऐसा था दोनों का बॉन्ड

Next Post
‘हमारा रिश्ता इतना गहरा था कि…’, गुरमीत की फैन का कैंसर से निधन, एक्टर हुए इमोशनल, ऐसा था दोनों का बॉन्ड

'हमारा रिश्ता इतना गहरा था कि...', गुरमीत की फैन का कैंसर से निधन, एक्टर हुए इमोशनल, ऐसा था दोनों का बॉन्ड

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
Advertisement
Advertisement
  • Privacy Policy

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Privacy Policy

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.