सीमा पार से प्यार परवान चढ़ने का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. ऑनलाइन पब्जी (PUBG) गेम खेलते-खेलते लखनऊ की एक युवती को बांग्लादेशी युवक से ऐसा प्यार हुआ कि युवक सऊदी अरब के रास्ते अवैध तरीके से भारत आ पहुंचा. राजधानी लखनऊ के बाजार खाला थाना पुलिस ने भदेवा मोहल्ले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेश (चटगांव) निवासी सज्जाद हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि सज्जाद ने भारत में पक्की नागरिकता दिखाने के लिए फर्जी तरीके से सभी महत्वपूर्ण भारतीय दस्तावेज बनवा लिए थे. फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी बनाने में मदद करने वाले स्थानीय जन सेवा केंद्र संचालक मोहम्मद तल्हा को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
PUBG पर हुई दोस्ती, सऊदी अरब के रास्ते आया भारत
पुलिस की पूछताछ और जांच में सामने आया है कि सज्जाद हुसैन और लखनऊ की फरहीन नाज़ की मुलाकात साल 2018 में ऑनलाइन पब्जी गेम खेलने के दौरान हुई थी. सज्जाद उस वक्त गेम में ‘जूही इब्राहिम’ नाम की आईडी से खेलता था. गेम खेलते-खेलते दोनों के बीच अक्सर बातचीत होने लगी, जो बाद में गहरे प्रेम में बदल गई. फरहीन से मिलने और उसके साथ जीवन बिताने की चाहत में सज्जाद 18 अगस्त 2023 को पहली बार सऊदी अरब के रास्ते भारत (लखनऊ) आया था.
अयोध्या में की कोर्ट मैरिज, फिर बनवाया फर्जी आधार-पैन
लखनऊ पहुंचने पर फरहीन ने सज्जाद को अपनी बहन के घर ठहराया. इसके बाद 28 अगस्त 2023 को दोनों ने अयोध्या जाकर कोर्ट मैरिज कर ली. शादी के बाद सज्जाद भदेवा इलाके में स्थित नसीरुल्लाह अपार्टमेंट में अपनी पत्नी के साथ ही रहने लगा.
लखनऊ में लंबे समय तक रहने के लिए उसे भारतीय पहचान पत्रों की जरूरत थी. इसके लिए उसने अपने पड़ोस में जन सेवा केंद्र चलाने वाले मोहम्मद तल्हा से संपर्क किया. सज्जाद ने तल्हा की मां के खाते में 900 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए और 2,000 रुपये नकद देकर सबसे पहले फर्जी निवास प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र बनवाया. इसके बाद इन्हीं जाली दस्तावेजों के आधार पर उसका फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी भी तैयार कर लिया गया. इन्हीं दस्तावेजों की मदद से नाका क्षेत्र में स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में सज्जाद का एक खाता भी खुलवा दिया गया था.
पुलिस के हत्थे कैसे चढ़ा?
पुलिस को जब इस अवैध बांग्लादेशी नागरिक की सूचना मिली, तो जांच शुरू की गई. जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि सज्जाद का निवास प्रमाण पत्र 10 अगस्त 2023 को ही बनवा लिया गया था, जबकि उसका वीजा और पासपोर्ट बताता है कि वह पहली बार 18 अगस्त 2023 को भारत आया था. साथ ही उसका वीजा काफी पहले ही समाप्त हो चुका था.
बाजार खाला पुलिस ने आरोपी के पास से दो बांग्लादेशी पासपोर्ट, एक भारतीय पैन कार्ड, वोटर आईडी, एक आधार कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं. वहीं, तल्हा के जन सेवा केंद्र पर भी छापा मारकर पुलिस ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर और सीपीयू जब्त कर लिए हैं. पुलिस अब इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है.

