संवाददाता@हनीफ खान….

जिउतिया महापर्व को लेकर करमा क्षेत्र के केकराही बाजार में शनिवार को खूब रौनक देखने को मिली। आज 3 अक्टूबर को मनाए जा रहे इस महापर्व को लेकर पिछले दो दिनों से बाजार में महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है।
सुबह से ही बाजार की फल, फूल, पूजा सामग्री और श्रृंगार की दुकानों पर माताओं की लंबी कतार लगी रही। ज्यूतिया व्रत के लिए सेब, केला, अनार, नींबू, सिंघाड़ा, खीरा जैसे फलों की मांग अचानक बढ़ गई है। इसके साथ ही व्रत की विशेष टोकरी, सियार-सियारिन की मिट्टी की मूर्तियां, धागा, सिंदूर, मेहंदी और नई साड़ियों की भी जमकर खरीदारी हो रही है।
फल दुकानदार सोनू सिंह ने बताया कि दोपहर होते-होते फल और फूलों का ज्यादातर सामान खत्म हो गया। ग्राहकी इतनी है कि सामान लाने के लिए दोबारा मंडी जाना पड़ रहा है।

बाजार में बढ़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। दिन भर केकराही, करमा, करकी माइनर, पगिया और खैराही मार्ग पर खासी चहल-पहल बनी रही।
दुकानदारों की मानें तो पिछले साल की तुलना में इस बार बिक्री में 20 से 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। खरीदारी करने आईं स्थानीय महिला उर्मिला देवी ने बताया, “यह व्रत हम अपने बच्चों के मंगल और लंबी उम्र के लिए रखते हैं। निर्जला व्रत है, इसलिए पूजा की सारी तैयारी एक दिन पहले ही करनी होती है।”
गौरतलब है कि ज्यूतिया पर्व, जिसे जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहा जाता है, माताओं द्वारा संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है।