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Noida Traffic News: नोएडा की सड़कों पर रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से अब लोगों को जल्द ही हमेशा के लिए निजात मिलने वाली है. शहर में यातायात की इस बड़ी समस्या को सुलझाने के लिए नोएडा प्राधिकरण अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और गूगल मैप्स (Google Maps) की ताकत का इस्तेमाल करने जा रहा है. यह हाई-टेक एआई सिस्टम न सिर्फ मौजूदा जाम की सटीक जानकारी देगा, बल्कि एक से दो महीने का ट्रैफिक डेटा भी सुरक्षित रखेगा.
नोएडा ट्रैफिक अलर्ट के लिए तैयार हो रहा है महाप्लान. (फाइल फोटो-पीटीआई)
Noida traffic Alert News: दिल्ली-एनसीआर के अहम हिस्से नोएडा में हर दिन लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से जूझ रहे लाखों वाहन चालकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है. शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने और जाम की समस्या का स्थायी (परमानेंट) समाधान निकालने के लिए नोएडा प्राधिकरण अब तकनीक का सबसे बड़ा दांव चलने जा रहा है. इसके तहत शहर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक को गूगल मैप (Google Maps) के साथ जोड़ा जाएगा. यह आधुनिक एआई सिस्टम ट्रैफिक जाम की उस ‘गुत्थी’ को सुलझाएगा जो सालों से शहरवासियों के लिए सिरदर्द बनी हुई है.
यह नया हाई-टेक सिस्टम केवल वर्तमान (रियल-टाइम) में लगने वाले जाम की ही लोकेशन या जानकारी नहीं देगा, बल्कि यह पिछले एक से दो महीने तक के ट्रैफिक डेटा को अपने सर्वर में सुरक्षित रख सकेगा. एआई सिस्टम इस पुराने रिकॉर्डेड डेटा का डीप एनालिसिस (गहन विश्लेषण) करेगा. इससे यह साफ हो जाएगा कि नोएडा की किस सड़क या चौराहे पर किस समय नियमित रूप से जाम लगता है, वहां से रोजाना कितनी गाड़ियां गुजरती हैं, और यह जाम कितनी देर तक रहता है. इस वैज्ञानिक अध्ययन से जाम लगने की असली और संभावित वजहों का सटीक पता चल सकेगा.
बिना नया कैमरा लगाए सैटेलाइट से मिलेगी मदद
इस एडवांस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए प्राधिकरण को कोई नया भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने की जरूरत नहीं होगी. यानी इसके लिए अलग से नए कैमरे या महंगे फाइबर ऑप्टिकल केबल बिछाने की कोई आवश्यकता नहीं है. पहले से चौराहों पर लगे कैमरों की फीड और गूगल सैटेलाइट से प्राप्त डेटा का ही इस्तेमाल कर ट्रैफिक की पूरी रिपोर्ट जुटाई जाएगी. इसी अचूक डेटा के आधार पर भविष्य में संबंधित सड़क पर आवश्यक बदलाव जैसे ट्रैफिक डायवर्जन, सड़कों की क्षमता बढ़ाना (चौड़ीकरण), सिग्नल व्यवस्था में बदलाव या अन्य अहम ट्रैफिक मैनेजमेंट के फैसले लिए जा सकेंगे.
रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल यानी कि RFP जल्द जारी होगी
इस पूरे मास्टरप्लान को लेकर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक (GM) एसपी सिंह ने अहम जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहर के यातायात की निगरानी ‘इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (ISTMS) के जरिए की जा रही है, जिसमें जीपीएस और गूगल मैप के माध्यम से रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट मिलता है. अब प्रस्तावित आधुनिक एआई सिस्टम को भी इसी आइएसटीएमएस (ISTMS) के साथ इंटिग्रेट (जोड़ने) करने की योजना पर तेजी से विचार चल रहा है. सबकुछ तय योजना के अनुसार रहा, तो जल्द ही प्राधिकरण द्वारा इसके लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी कर दी जाएगी, जिसके बाद शहरवासियों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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