नोएडाः ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर आधी रात को स्लीपर बस में आग लग जाने से 9 यात्रियों की जान चली गई. बस में कुल 35 लोग सवार थे. बस चला रहे ड्राइवर पवन और कंडक्टर योगी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. घटना के चश्मदीदों ने बताया कि बस में सबसे पहले जलने की गंध आई थी. इसकी जानकारी उन्होंने कंडक्टर और ड्राइवर को भी दी और कुछ देर बाद ही ड्राइवर के पास से आग की लपटें उठने लगीं. घटना की प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह एसी में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है. आग बहुत तेजी से पूरी बस में फैल गई. बस के अंदर धुआं भर गया, जिससे यात्रियों को बाहर निकलने में परेशानी हुई. कुछ यात्रियों ने खिड़की से निकलकर जान बचाई. कुछ रिपोर्टों में पटाखे जैसी आवाज का भी जिक्र है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है. आग की असली वजह की जांच अभी जारी है.
बस में बड़ी मात्रा में रखा गया था सामान, जिससे तेजी से फैली आग
यात्रियों ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद बस तुरंत नहीं रोकी गई. रिपोर्ट के मुताबिक ड्राइवर कैबिन में धूम्रपान कर रहा था. जबकि बस में जलने की गंध आ रही थी. बस में बड़ी मात्रा में सामान भी रखा था. इलेक्ट्रिक कंडेनसर, शादी के कार्ड और बिजली बोर्ड के लकड़ी के फ्रेम जैसे सामान पूरी तरह जले मिले हैं. ये सामान आग के तेजी से फैलने की वजह बने या नहीं, यह जांच का विषय है. हालांकि इस घटना को लेकर सबसे बड़ा सवाल: जलने की गंध की सूचना मिलने के बाद ड्राइवर-कंडक्टर ने बस क्यों नहीं रोकी और सामान की स्थिति क्यों नहीं जांची?
बस पर 1.55 लाख रुपये का था चालान
बस पर अलग-अलग नियमों के उल्लंघन के कुल करीब ₹1.55 लाख के चालान होने की जानकारी सामने आई है. चालानों में ओवरस्पीडिंग के मामले शामिल हैं. परमिट वॉयलेशन का भी चालान हुआ था. खतरनाक तरीके से ड्राइविंग (Dangerous Driving) का भी चालान हुआ था. गाड़ी की छत/ऊपर सामान ले जाने को लेकर भी चालान हुआ था. सबसे अहम — Permit Conditions के उल्लंघन (Breach of Permit Conditions) का चालान भी दर्ज है. बस का इंश्योरेंस वैध बताया गया है. हादसे के बाद बस में फायर सेफ्टी इक्विपमेंट/अग्निशमन उपकरण नहीं मिलने की बात सामने आई है. ऐसे में आग लगने के बाद शुरुआती समय में आग पर काबू पाने का कोई प्रभावी साधन उपलब्ध नहीं था, जिससे आग तेजी से फैलने का सवाल उठता है. हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह और फायर सेफ्टी उपकरणों की अनुपस्थिति की भूमिका जांच का विषय है.
किस कंपनी की थी बस
हादसे वाली बस का नंबर BR32 PA 8647 है. यह बिहार में रजिस्टर्ड बस है. बस Raj Kalpana Travels द्वारा संचालित बताई गई है. बस कश्मीरी गेट, दिल्ली से महोबा जा रही थी और हादसा यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर के पास हुआ. कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक Raj Kalpana Travels Pvt. Ltd. का ऑफिस गोकले मार्केट, तिस हजारी, दिल्ली में है. कंपनी अपनी वेबसाइट पर दिल्ली-UP और MP के कई रूटों पर बस सेवा और 90+ buses का दावा करती है. कंपनी का कॉरपोरेट रिकॉर्ड बताता है कि Rajkalpana Travels Private Limited 3 जून 2019 को दिल्ली में incorporated हुई थी. इसका CIN U63040DL2019PTC350881 है. उपलब्ध कंपनी रिकॉर्ड में राजकुमार शर्मा, दिनेश शर्मा और प्रियंका शर्मा डायरेक्टर्स के रूप में दर्ज हैं.
कंपनी के कर्मचारी ने खोला राज
कंपनी के कर्मचारी ने बताया कि उसे हादसे के बारे में आज सुबह पता चला. गाड़ी की सर्विस कंपनी किलोमीटर के हिसाब से करती है. इसकी हाल ही में सर्विसिंग हुई थी. ड्राइवर-कंडक्टर नहीं स्मोक नहीं कर रहे थे. एसी बस है, उसमें स्मोक करना अलाउड नहीं है. हमको ज़्यादा जानकारी है.
बस के अंदर कैसा था नजारा
बस की केबिन में नो स्मोकिंग दो जगह लिखा है. कुछ लोगो का कहना है की ड्राइवर स्मोक कर रहा था. एक व्यक्ति के चलने की जगह है केवल. एसी गाड़ी है. इसमें सेमी स्लीपर और स्लीपर सीट है. खास बात ये है कि इस गाड़ी में इमरजेंसी एग्जिट ही नहीं है. जब की आम तौर पर बसो में ये होता ही है. इस बस के अंदर काफी सामान भी दिल्ली के कश्मीरी गेट से लोड किया गया था, जिसमें पंखे, कूलर में इस्तेमाल होने वाला इलेक्ट्रिक कंडेंसर भी जले हुए हैं.
यूपी के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने जताया दुख
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि यह दुखद है. उसमें प्रारंभिक जांच में पता चला कि बस महोबा जा रही थी दिल्ली से. नेशनल परमिट की बस है. बिहार में रजिस्टर्ड है. फिटनेस राजस्थान में हुआ है. पॉल्यूशन हरियाणा का है. मालिक कानपुर का है. ड्राइवर का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया. पैसेंजर्स ने बताया का आग की बू आ रही है. लेकिन ड्राइवर ने इग्नोर किया और इमरजेंसी गेट नहीं खोला, जिससे सभी को नहीं बचााया जा सका. आगे की जांच जारी है. सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
