सहारनपुर: कभी घर की बुजुर्ग महिलाओं के हाथों में नजर आने वाली सुई-धागे और क्रोशिया की कारीगरी, अब नए दौर में युवतियों के लिए आत्मनिर्भरता का जरिया बन रही है. आधुनिक समय में जहां हाथ से तैयार होने वाले सामान का चलन कम हुआ है, वहीं युवतियां पारंपरिक हुनर को नए डिजाइन और आकर्षक अंदाज के साथ ऊन और क्रोशिया के धागों से तैयार किए जा रहे छोटे-छोटे सजावटी सामान लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं.
हम बात कर रहे हैं 25 वर्षीय आयुषी धीमान की जिन्होंने पढ़ाई लिखाई करने के बाद 2 साल प्राइवेट जॉब की लेकिन प्राइवेट जॉब में उन्हें अपना भविष्य नजर नहीं आया. फिर उन्होंने आज निर्भर बनने और खुद का स्टार्टअप शुरू करने का सोच और उन्होंने मात्र ढाई सौ रुपए से अपने स्टार्टअप को शुरू किया. सबसे पहले उन्होंने क्रोशिया ऊन के धागों से एक गिफ्ट को तैयार किया और उसके बाद वहां से उसको दो आर्डर और मिले और धीरे-धीरे अब यह आर्डर बढ़ते जा रहे हैं. आयुषी क्रोशिया और ऊन से अलग-अलग तरह के उत्पाद तैयार कर ग्राहकों की मांग के अनुसार रंग, डिजाइन और आकार में बदलाव करती है. आयुषी ने अपने इस काम और प्रोडक्ट के प्रसार प्रचार के लिए सोशल मीडिया को चुना. इंस्टाग्राम पर आईडी बनाई और लोगों को कम्युनिटी ग्रुप में जोड़कर उन तक अपने प्रोडक्ट पहुंचाए. आयुषी के द्वारा हस्तनिर्मित उत्पादों की कीमत करीब 50 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक है.
मात्र ढाई सौ रुपए से शुरू किया काम आज हजारों में हो रही कमाई
आयुषी धीमान ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि अभी फिलहाल हमारे पास जो ऑर्डर्स आए हुए हैं, वो है हेयर क्लिप्स, फ्लावर्स, की-रिंग्स, फोन चार्म्स आदि ये सब हम अभी बना रहे हैं. मेरी उम्र 26 साल है और मैंने एम कॉम, B.A किया हुआ है और दो साल मैंने जॉब भी की है लेकिन जॉब मुझे भी सूट नहीं आई क्योंकि आने-जाने का और थोड़ा जॉब में जो सैलरी होती है कम थी. शुरू से ही मेरी चाहत थी मैं अपना बिजनेस बिल्ड करूं और इंडिपेंडेंट बनूं, किसी के अंडर रहके काम करने की जो इच्छा होती है. आजकल के लोगों में, वो मेरे अंदर नहीं है और इसी के चलते मेरी मम्मी पापा ने थोड़ा मुझे सपोर्ट किया. जिस वजह से आज मैं यहां पे ये सब स्टार्ट कर पाई हूं. जिस प्रकार के हमें कस्टमर्स मिलते हैं, कस्टमर्स ऑर्डर देते हैं, तो मैं अच्छे से उनको अपने हाथों से बनाती हूं. जो भी हमारे कस्टमर्स सैटिस्फाई होते हैं, वो मेरी कलाकारी से होते हैं और मैं चाहती हूँ कि आगे अगर कोई कस्टमर आते हैं हमारे पास, वो खुश होकर जाएं.
मम्मी से सीखीं हुनर
आयुषी बताती है कि मेरी मम्मा मल्टी टैलेंटेड है, तो मैं भी चाहती हूं कि मैं भी उन्हीं की तरह बनूं. कहीं ना कहीं ये जो कला है, मुझे मेरी मम्मा से मिली. क्रेडिट उन्हीं को जाता है क्योंकि इंस्पिरेशन आपको कहीं ना कहीं से मिलनी ज़रूरी है, तभी आप ग्रो कर पाते हैं. मेरी इंस्पिरेशन मेरी मां है. जॉब में आपको एक फिक्स सैलरी देंगे, जिसमें आपको आने-जाने का, खाने-पीने का, सारा उसी में आपको मिलता है. लेकिन अगर मैं बात करूं मेरे बिजनेस की, तो मैंने 250 रुपये से स्टार्ट किया है, हम 250 रुपये की ऊन लाए थे जब मुझे मेरा फर्स्ट ऑर्डर मिला था और लगभग मैंने साढ़े चार हजार से पाँच हज़ार रुपये की सेलिंग कर चुकी हूं. मैं अभी, जिसमें मुझे 25 से 3,000 मेरे को प्रॉफिट हुआ है. पहले मेरे पास सिंगल ऑर्डर आते थे, जैसे सिंगल कीचेन हो गया और कोई फ्लावर बुके हो गया, क्रोशे के फ्लावर्स जो आजकल बहुत ट्रेंड में हैं. लेकिन अभी कुछ टाइम से मेरे पास बल्क में ऑर्डर आ रहे हैं, जैसे हेयर क्लिप्स हो गई हैं, कीचेन्स हो गए हैं, फोन कवर हो गए हैं, ये सब.
हमारे कॉन्टैक्ट नंबर है, हमने कम्युनिटी भी बनाई हुई है व्हाट्सएप पे और हमारी अगर इंस्टाग्राम आईडी की बात करें, तो वो क्रिएशंस और द गिफ्टरी के नाम से हम जो चला रहे हैं अभी, दो आईडीज़ हैं हमारी. दोनों पे हमारे पास आप ऑर्डर प्लेस कर सकते हो, व्हाट्सएप पे हम आपको कम्युनिटी में भी ऐड कर देंगे अपनी, आप उसके थ्रू भी हमारे साथ कॉन्टैक्ट कर सकते हो.

