आजमगढ़: यूपी में आजमगढ़ ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा अपडेट सामने आया है. पुलिस की घेराबंदी के बीच आरोपी अरविंद सिंह ने फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग कर आरोपी को पकड़ लिया. लगभग 8 घंटे के बाद आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आया. पुलिस मुठभेड़ में आरोपी गंभीर घायल हुआ है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आरोपी घर के अंदर जिन 3 बच्चों को बंधक बनाए हुए था, उसमें से अपने बेटे को उसने गोली मारकर घायल कर दिया था, वहीं 2 बच्चों को सुरक्षित निकाला गया है.
वहीं इस पूरे ऑपरेशन को लेकर ADG नवीन अरोड़ा ने मीडिया से बातचीत करते हुए जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि पुलिस के हर संभव कोशिश के बावजूद आरोपी अरविंद न खुद घर से निकलने को तैयार था और न ही बच्चों को छोड़ने को लेकर बात मान रहा था. आरोपी से उसके रिश्तेदारों ने भी इस बीच बात की और पुलिस के बड़े अधिकारियों ने भी बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन उसका एक ही जवाब था कि बच्चे उसके साथ है कोई समझौता नहीं होगा, आपलोग वापस जाइए सुबह देखेंगे.
ADG ने A to Z दी घटना की जानकारी
ADG ने आगे बताया कि जब 7 घंटे बीत गए तो हमारी टीम ने घेराबंदी की और इस बीच घर के अंदर से गोली की आवाज सुनाई दी. इसके बाद हमारे पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं था क्योंकि अंदर 3 बच्चे थे एक फायर का मतलब था कि अब अंदर कोई भी घटना हो सकती थी. जिसके बाद तुरंत स्टन ग्रेनेट और टीयर गैस ग्रेनेट का उपयोग करके दरवाजा तोड़ा और SSP, SOG इंचार्ज समेत 3 लोग अंदर गए. जिसके बाद आरोपी ने लगातार पुलिस पर फायर करना शुरू कर दिया. आरोपी की 6 राउंड की रिवॉल्वर थी जो उसने सारी खाली कर दी. वहीं पुलिस की तरफ से 3 से 4 राउंड फायर करना पड़ा.
बेटे को भी आरोपी ने मारी थी गोली
अंदर गए तो देखा आरोपी ने अपने बेटे को भी गोली मारी हुई थी जो बुरी तरह से घायल था. वहीं उसकी 2 बेटी और थी, छोटी बेटी फिसल कर उसके हाथ से गिर गई, वहीं बड़ी बेटी को उसने अपनी सुरक्षा के तौर पर रखे हुए था. वहीं पुलिस मुठभेड़ में आरोपी घायल हुआ है. जिसको हॉस्पिटल भेजा गया. वहीं घायल बेटे को तत्काल अस्पताल भेजा गया और बरामद 2 बच्चियों को रिश्तेदारों के साथ भेज दिया गया है. उम्मीद है कि बेटे को बचा लिया जाएगा और यह पुलिस के लिए सफलता होगी कि तीनों बच्चे रिकवर होंगे. ईश्वर से उम्मीद करूंगा की सभी बच्चे सुरक्षित हो.
ADG बोले- मेंटल केस था
ADG ने आगे कहा कि यह एक मेंटल केस था, जब आरोपी अपने बेटे को ही मारने को उतारू हो गया तो अंतिम रूप में फायर करना पड़ा. वहीं आगे बताया कि इस पूरे घटना में पुलिस के किसी जवान को गोली नहीं लगी है और आरोपी गंभीर रूप से घायल है.
आरोपी ने कई राउंड किए फायर
आरोपी अरविंद ने कई राउंड पुलिस पर फायर किए थे. मौके पर पुलिस और आरोपी के बीच फायरिंग हुई. घटनास्थल से सामने आए फायरिंग के वीडियो को न्यूज18 ने सबसे पहले अपने दर्शकों तक पहुंचाया.
कई अधिकारी मौके पर रहे मौजूद
UP ATS कमांडो भी घटनास्थल पर पहुंचे थे. मौके पर एडीजी वाराणसी जोन डीआईजी एसपी समेत आला अधिकारी मौके मौजूद रहे. 8 घंटे से ज्यादा समय तक आरोपी घर के अंदर बच्चों को कैद करके रखा था. साथ में उसका एक बेटा और 2 बेटियां थी. पुलिस के ऑपरेशन से पहले उसने अपने बच्चे के गोली मारी थी, आवाज आने पर पुलिस घर के अंदर घुसी थी.
क्या है पूरा मामला?
आजमगढ़ में अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम एक घर के अंदर नारायणी बली पूजा हो रही थी. अब तक की जानकारी के मुताबिक, यह पूजा बबिता सिंह अपने घर में पति अरविंद सिंह के भाई गुड्डू सिंह की आत्मा की शांति के लिए करा रही थी. पूजा पिछले 2 दिनों से चल रही थी. गुड्डू सिंह की 2 साल पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. लेकिन बबिता का पति अरविंद इस पूजा के खिलाफ था. जब वह मंगलवार की शाम 6 बजे बाजार से अपने घर पहुंचा तो उसने 4 पंडित देखे. यह देख अरविंद आग बबूला हो गया.
पंडितों से मांगा आधार कार्ड
आरोप है कि अरविंद सिंह ने पूजा करा रहे पंडितों से आधार कार्ड मांगा. इसी बात को लेकर विवाद हुआ और अरविंद ने गोली चला दी. इसमें अरविंद की पत्नी बबीता और दो पंडितों की मौत हो गई. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस पंडित की हत्या हुई, उसका बेटा भी उसी समय घर के अंदर पूजा करा रहा था. उसने भागकर अपनी जान बचाई. वहीं इस घटना के बाद अरविंद ने खुद को अपने दो बच्चों के साथ घर में बंद कर लिया.

