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Neem Karoli Baba’s: बाबा नीम करौली के जीवन पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ के रिलीज होने के बाद से प्रयागराज का एक पुराना बंगला अचानक सुर्खियों में आ गया है. कर्नलगंज के चर्च लेन स्थित यह बंगला स्वर्गीय प्रोफेसर सुधीर मुखर्जी का है, जहां बाबा नीम करौली ठहरा करते थे. इस बंगले में आज भी बाबा के वास्तविक चरण चिन्ह और उनका शयन कक्ष जस का तस सुरक्षित है. फिल्म देखने के बाद आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है कि हर दिन भारी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं. भीड़ को देखते हुए दर्शन के लिए शाम 4 से 7 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है.
नीम करौली बाबा के चरण आज भी इस बंगले में मौजूद है.
प्रयागराज: बाबा नीम करौली, जिन्हें दुनिया भर में हनुमान जी का अवतार माना जाता है, उनके जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों खासी चर्चा में है. इस फिल्म के रिलीज होने के बाद सिर्फ सिनेमाघरों में ही नहीं, बल्कि संगम नगरी प्रयागराज के एक शांत इलाके में भी हलचल तेज हो गई है. प्रयागराज का एक ऐसा बंगला अचानक सुर्खियों में आ गया है, जिसका नाता सीधे तौर पर बाबा नीम करौली से जुड़ा हुआ है.
यह चर्चित बंगला कर्नलगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चर्च लेन में स्थित है. जानकारी के मुताबिक, यह ऐतिहासिक संपत्ति इलाहाबाद विश्वविद्यालय के तत्कालीन शिक्षक रहे स्वर्गीय प्रोफेसर सुधीर मुखर्जी की है. बताया जाता है कि जब भी बाबा नीम करौली प्रयागराज आते थे, तो वे इसी बंगले में रुकते थे. यह स्थान उनके लिए एक विश्राम स्थल के साथ-साथ तपोस्थली भी रहा है और यहां से जुड़ी कई चमत्कारी कहानियां स्थानीय लोगों के बीच मशहूर हैं.
आज भी सुरक्षित हैं बाबा के वास्तविक चरण चिन्ह
फिल्म रिलीज होने के बाद जब लोगों को इस जगह के बारे में पता चला, तो वे दर्शन के लिए दौड़े चले आए. इस बंगले के अंदर आज भी वह कमरा उसी अवस्था में सुरक्षित रखा गया है, जिसमें बाबा शयन करते थे. सबसे बड़ी आस्था का केंद्र बाबा के पैरों के वास्तविक पद चिन्ह हैं, जो यहां सहेज कर रखे गए हैं. इसके अलावा कमरे में उनकी कई दुर्लभ तस्वीरें भी सजाई गई हैं, जिन्हें देखकर भक्तों को बाबा की प्रत्यक्ष उपस्थिति का अहसास होता है.
दर्शन का समय हुआ निर्धारित, मिलता है खास प्रसाद
अचानक बढ़ी लोकप्रियता के कारण बंगले पर हर दिन देश भर से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. बढ़ती भीड़ और व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अब दर्शन की समय सीमा तय कर दी गई है. श्रद्धालु अब केवल शाम 4:00 बजे से लेकर 7:00 बजे तक ही यहां आकर दर्शन और पूजन कर सकते हैं. दर्शन करने आने वाले सभी भक्तों को प्रसाद के रूप में पेठा और रामदाना वितरित किया जा रहा है, जिसे लोग बड़े ही भाव से ग्रहण कर रहे हैं.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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