फतेहपुर में सीमांचल एक्सप्रेस में सो रहा 9 माह का मासूम अचानक इमरजेंसी विंडो से बाहर गिर गया। बच्चे के लापता होने के बाद परिजनों और पुलिस ने रातभर तलाश की। अगले दिन फैजुल्लापुर रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक किनारे मासूम का शव मिला।
UP News: यूपी के फतेहपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां सीमांचल एक्सप्रेस की इमरजेंसी विंडो से गिरा 9 माह का मासूम शनिवार दोपहर फैजुल्लापुर रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक किनारे मृत मिला। जीआरपी, आरपीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम की तलाश में मिले बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बच्चे की मौत की जानकारी लगते ही दंपति का रो-रोकर बुरा हाल है।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक के मुताबिक बिहार के बेगूसराय जिले के सलोनी गांव के रहने वाले मोहन अपनी पत्नी काजल और 9 माह के बेटे कनिष्क के साथ शुक्रवार को सीमांचल एक्सप्रेस के एस-1 कोच से दिल्ली से बिहार जा रहे थे। वह सीट संख्या 61 और 64 पर सवार थे। कानपुर सेंट्रल से ट्रेन रवाना होने के बाद करीब सवा तीन बजे काजल फोन पर अपनी सास से बात करने के बाद बच्चे को लेकर मिडिल सीट पर सो गईं। इसी दौरान मोहन ट्रेन के गेट की ओर चला गया। करीब 4:17 बजे मोहन सीट पर लौटे तो पत्नी को अकेले सोते देखा। बच्चा सीट पर नहीं था। पत्नी को जगाने पर उसने बताया कि बच्चा उसके पास ही था। सीट के सामने इमरजेंसी खिड़की खुली मिली।
परिजनों ने आशंका जताई कि नींद में बच्चा पीछे की ओर खिसककर खुली खिड़की से ट्रेन के नीचे गिर गया। इसके बाद परिजनों ने घटना की सूचना प्रयागराज जीआरपी को दी। दंपति प्रयागराज में ट्रेन से उतर गए। रातभर कानपुर से प्रयागराज के बीच सर्च अभियान चलाया गया। एसपी ने बताया कि रेलवे की ओर से पुलिस को घटना की जानकारी मिली थी। इसके बाद तत्काल जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस को समन्वय बनाकर रेलवे ट्रैक और आसपास के क्षेत्रों में तलाश करने के निर्देश दिए गए थे। तलाश के दौरान फैजुल्लापुर रेलवे स्टेशन के पास बच्चे का शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्लेटफॉर्म पर चढ़ते समय ट्रेन की टपेट में आई महिला
उधर, बरेली में रेलवे ट्रैक पार कर प्लेटफार्म पर चढ़ रही महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची जीआरपी ने महिला का क्षत-विक्षत शव कब्जे में ले लिया। नगरिया सादात गांव की रहने वाली लक्ष्मी शनिवार की शाम 5.45 पर मीरगंज से अपने घर लौट रही थीं।
रेलवे स्टेशन से रेलवे ट्रैक पारकर लक्ष्मी घर जाने के लिए प्लेटफार्म संख्या दो पर चढ़ रही थीं। उसी दौरान डाउन लाइन पर ट्रेन 5568 आ गई। ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। घटना के बाद ट्रेन कुछ देर रुकी और फिर बरेली की ओर रवाना हो गई। सूचना पर आरपीएफ, जीआरपी और मीरगंज थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची। नगरिया सादात के प्रधान शिवकुमार कक्कू भी परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि, जीआरपी के महिला कर्मियों के इंतजार में शव काफी देर तक ट्रैक पर पड़ा रहा।

