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Fatehpur: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में आजादी के दशकों बाद भी नाव और बांस के अस्थायी पुलों के सहारे जान जोखिम में डालकर सफर करने वाले 148 गांवों और मजरों के करीब 42,000 ग्रामीणों के दिन अब बहुरने वाले हैं. नदियों, नालों और नहरों पर स्थायी पुल न होने से स्कूली बच्चों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. इसे गंभीरता से लेते हुए शासन ने दो विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत पांच नए लघु सेतुओं के निर्माण के लिए 13.19 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत कर दी है. ई-टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू होने के बाद डेढ़ साल में निर्माण पूरा होगा.
142 गांव के लोगों को सरकार ने दिया तोहफा.
फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से ग्रामीण इलाकों के विकास को लेकर एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. आजादी के इतने दशक बीत जाने के बाद भी जिले के 148 गांवों और मजरों के हजारों ग्रामीणों को नदी, नाला और नहर पार करने के लिए रोजाना नाव या बांस के अस्थायी पुलों का खतरनाक सहारा लेना पड़ता था. दो विधानसभा क्षेत्रों के करीब 42,000 लोग इस विकट समस्या से जूझ रहे थे. बाजार, शहर और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने के साथ-साथ छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को भी अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचना पड़ता था. खासकर बरसात के दिनों में जब नदियों का जलस्तर उफान पर होता था, तो ग्रामीणों की मुश्किलें और भी बढ़ जाती थीं.
आम जनता की इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए दोनों विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) से संपर्क कर इन इलाकों में स्थायी लघु सेतु (पुल) बनवाने की पुरजोर पहल की थी. विभाग ने दिसंबर 2025 में पांच महत्वपूर्ण स्थानों पर नए लघु सेतुओं के निर्माण के लिए विस्तृत प्रस्ताव और एस्टीमेट तैयार कर शासन के पास मंजूरी के लिए भेजा था. अब इस लंबे समय से लंबित मांग पर शासन ने मुहर लगा दी है और इन पांचों लघु सेतुओं के निर्माण के लिए 13.19 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत कर दी है.
लोक निर्माण विभाग खंड-2 के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर दुर्गेश कुमार सिंह ने जानकारी दी कि जहानाबाद व बिंदकी विधायक के साथ मिलकर इन पांचों स्थानों पर पुल निर्माण का एस्टीमेट भेजा गया था. शासन से 13.19 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलते ही अब युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है. सभी प्रस्तावित पुलों के लिए ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है. टेंडर प्रक्रिया और अनुबंध पूरे होने के बाद पीडब्ल्यूडी को अगले डेढ़ वर्ष के भीतर इन सभी पांचों पुलों का निर्माण कार्य हर हाल में पूरा करना होगा.
पुल निर्माण की मंजूरी मिलने से इलाके के लोगों में जबरदस्त उत्साह और खुशी का माहौल है. भगलापुर निवासी दीपक निषाद और दुर्गेश निषाद ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि आजादी से लेकर आज तक बरसात के मौसम में नदी, नाला और नहर पार करना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था. जलस्तर बढ़ते ही आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता था. अब स्थायी पुल बनने से गांवों का सीधा कनेक्शन मुख्य मार्गों, बाजारों और आसपास के कस्बों से जुड़ जाएगा. छात्र-छात्राओं को भी अब जान जोखिम में डालकर नाव या अस्थायी पुलों के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा. इस सौगात से ग्रामीणों का जीवन सुगम और सुरक्षित होने की पूरी उम्मीद है.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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