यूपी में एक जैसे लक्षण की बीमारियां फैल रही हैं। इसमें वायरल बुखार, स्वाइन फ्लू, डेंगू और मलेरिया शामिल हैं। इन बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। शुरुआती जांच में पहचानना चुनौती बन रहा है। मरीजों की स्क्रीनिंग पर जोर दिया जा रहा है।
यूपी में बदलते मौसम के बीच वायरल बुखार के साथ स्वाइन फ्लू, डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। इन बीमारियों के शुरुआती लक्षण काफी हद तक एक जैसे होने के कारण मरीजों में बीमारी को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। बुखार, बदन दर्द और कमजोरी जैसी शिकायतें इन सभी बीमारियों में सामने आ रही हैं। कोरोना संक्रमण में भी शुरुआती तौर पर इसी तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में केवल लक्षणों के आधार पर बीमारी की पहचान करना मरीज के साथ-साथ डॉक्टरों के लिए भी चुनौती बन रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक स्वाइन फ्लू के 50, डेंगू के पांच और मलेरिया के 11 मरीज चिह्नित किए जा चुके हैं। वहीं वायरल बुखार के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। अस्पतालों की ओपीडी में बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती भीड़ के चलते जांच का दबाव भी बढ़ा है। चिकित्सक संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग के साथ जरूरत के अनुसार संबंधित जांच कराने पर जोर दे रहे हैं।
फिजिशियन डॉ. विपिन गुप्ता के अनुसार शुरुआती चरण में वायरल, डेंगू, मलेरिया और फ्लू के लक्षणों में काफी समानता रहती है। इसलिए मरीजों को स्वयं बीमारी का अनुमान लगाकर दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मरीज की हिस्ट्री, बुखार का पैटर्न, अन्य लक्षण और जरूरत पड़ने पर जांच के आधार पर बीमारी की पहचान की जाती है।
बिना सलाह न लें एंटीबायोटिक
डॉ. अमित बताते हैं कि डेंगू और कुछ वायरल संक्रमणों में प्लेटलेट कम होने की समस्या हो सकती है, जबकि फ्लू में सांस संबंधी लक्षण बढ़ने पर परेशानी गंभीर हो सकती है। लगातार तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत, अत्यधिक कमजोरी, खून आने जैसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए। उन्होंने लोगों से बिना सलाह एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं लेने से बचने और पर्याप्त आराम व पानी का सेवन करने की सलाह दी।
सावधानी ही बचाव
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों से भीड़भाड़ वाली जगहों पर आवश्यक सावधानी बरतने, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकने, हाथों को साबुन से बार-बार धोने, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचने और बीमार होने पर घर पर आराम करने की अपील की जा रही है। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं न लेने, तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी या हालत बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

