संवाददाता@विशाल टंडन….

उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा माटीकला से जुड़े पारंपरिक कारीगरों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। माटीकला टूल किट वितरण योजना के अंतर्गत कुम्हारों को निःशुल्क विद्युत चालित चाक (इलेक्ट्रिक चाक) और पगमिल उपलब्ध कराए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक माटीकला उद्योग को बढ़ावा देना, कारीगरों की कार्यक्षमता में सुधार करना तथा उनकी आय में वृद्धि कर जीवन स्तर को सशक्त बनाना है।
इस वर्ष वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 35 इलेक्ट्रिक चाक वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के अंतर्गत मिट्टी से बने पारंपरिक उत्पाद जैसे कुल्हड़, परई, गिलास, थाली, गगरी आदि के निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा।इच्छुक लाभार्थी कारीगर 25 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया आधिकारिक वेबसाइट upmatikalaboard.in पर उपलब्ध है। आवेदन के बाद सभी आवश्यक दस्तावेजों की हार्ड कॉपी संबंधित कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस पर जमा करनी होगी।
इसके अलावा मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत जिन लाभार्थियों को वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक बैंक ऋण प्राप्त हुआ है, वे भी पगमिल के लिए आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया साक्षात्कार के माध्यम से की जाएगी, जिसके बाद अंतिम सूची जारी होगी।अधिक जानकारी के लिए जिला ग्रामोद्योग अधिकारी गौतम त्रिपाठी से संपर्क किया जा सकता है।
यह योजना परंपरागत माटीकला को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।