संवाददाता@विशाल टंडन…..

अधिवक्ता परिषद काशी प्रान्त, जिला इकाई सोनभद्र द्वारा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में शनिवार को कचहरी परिसर में “समरसता संगोष्ठी” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजीव कुमार सिंह (अध्यक्ष, अधिवक्ता परिषद सोनभद्र) ने की। मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता अरुण प्रताप सिंह एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में सोनभद्र बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक प्रसाद श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार मिश्र (उपाध्यक्ष, अधिवक्ता परिषद सोनभद्र इकाई) ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ, जिसके बाद “वंदे मातरम्” गीत प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि अरुण प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में डॉ. अंबेडकर के व्यक्तित्व और उनके द्वारा संविधान में स्थापित समरसता एवं भ्रातृत्व की भावना पर प्रकाश डाला।

संगोष्ठी में उपस्थित सभी लोगों ने “समरसता दिवस” के अवसर पर संकल्प लिया कि वे जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र या वर्ग के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करेंगे, प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान करेंगे, समाज में प्रेम, सहयोग और सद्भाव बनाए रखेंगे तथा कमजोर, जरूरतमंद और वंचित लोगों की सहायता करेंगे। साथ ही सामाजिक बुराइयों और भेदभाव का विरोध करने का भी संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर शासकीय अधिवक्ता (एससी/एसटी एक्ट) शशांक शेखर कात्यायन, पूर्व अध्यक्ष सोनभद्र बार एसोसिएशन रमेश राम पाठक, शासकीय अधिवक्ता (दीवानी) कृष्ण प्रताप सिंह, नीरज सिंह, योगेश कुमार दूबे, महिला अधिवक्ता पुष्पा तिग्गा, रागिनी पाठक, संजीव शुक्ला, अखिलेश मिश्र, शैलेन्द्र केशरी, शिवम पाण्डेय, बिंदु राव सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।