संवाददाता@विशाल टंडन…..

आजाद अधिकार सेना ने शनिवार को जिला मुख्यालय पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व मिर्जापुर मंडल प्रभारी शोभित कुमार सिंह ने किया। इस दौरान संगठन ने जनसुनवाई प्रणाली (आईजीआरएस/पीजी पोर्टल) तथा सूचना के अधिकार (आरटीआई) व्यवस्था में कथित लापरवाही, भ्रष्टाचार और मनमानेपन को लेकर गंभीर आरोप लगाए और जिलाधिकारी के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति को एक ज्ञापन प्रेषित किया।
ज्ञापन में कहा गया कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा आम नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई जनसुनवाई व्यवस्था जमीनी स्तर पर अपने उद्देश्य से भटक चुकी है। आरोप लगाया गया कि शिकायतों पर अक्सर बिना मौके पर जांच किए या शिकायतकर्ता से संपर्क किए ही एकतरफा रिपोर्ट लगा दी जाती है, जिसे आगे तक स्वीकार कर लिया जाता है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में उसी अधिकारी द्वारा जांच की जाती है, जिसके खिलाफ शिकायत होती है।
जिससे निष्पक्षता प्रभावित होती है। इसके चलते जनसुनवाई प्रणाली प्रभावहीन होती जा रही है। आरटीआई व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। ज्ञापन में कहा गया कि लगभग दो दशक पहले पारदर्शिता के लिए लागू किया गया आरटीआई कानून अब कमजोर पड़ चुका है और सूचना प्राप्त करना कठिन हो गया है। इसमें सूचना आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
आजाद अधिकार सेना ने राष्ट्रपति से मांग की कि जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए और आरटीआई के तहत सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में हो रही लापरवाही पर सख्त रोक लगाई जाए। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राहुल पटेल, सुषमा सिंह (महिला ब्रिगेड जिला अध्यक्ष, सोनभद्र), अरविंद जायसवाल (संगठन मंत्री, सोनभद्र), सुशील कुमार (जिला प्रभारी, सोनभद्र) सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।