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Thomas Cup: थॉमस कप में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है. भारत ने क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह बना ली है जहां शुक्रवार को उसका सामना चीनी ताइपे से होगा.

भारत और चीनी ताइपे के बीच क्वार्टर फाइनल शुक्रवार को खेला जाएगा.
होर्सेंस (डेनमार्क). भारत थॉमस कप फाइनल्स के क्वार्टर फाइनल में शुक्रवार को चीनी ताइपे की मजबूत टीम से भिड़ेगा और इस मैच को जीतकर अपने दूसरे खिताब की ओर बढ़ने की कोशिश करेगा. भारत ने चार साल पहले थॉमस कप जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की थी, जो बैडमिंटन की वर्ल्ड टीम चैंपियनशिप है. इस बार भारत ग्रुप ए में दूसरे नंबर पर रहकर क्वार्टर फाइनल में पहुंचा है और उसका सामना चीनी ताइपे से होगा, जिसने अभी तक यह टूर्नामेंट नहीं जीता है.
भारत ने अपने अभियान की शुरुआत कनाडा को 4-1 से हराकर की थी. इसके बाद टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 5-0 से हराया, लेकिन चीन से कड़ी टक्कर के बाद 2-3 से हार गई. चीनी ताइपे की टीम काफी मजबूत लग रही है, जिसकी कप्तानी दुनिया के छठे नंबर के एकल खिलाड़ी चोउ टिएन चेन कर रहे हैं. उनके साथ आठवें नंबर के खिलाड़ी और मौजूदा ऑल इंग्लैंड चैंपियन लिन चुन-यी और 21वें नंबर के खिलाड़ी ची यू जेन टीम की सिंगल्स को और मजबूत बनाते हैं. डबल्स में ताइपे के पास चिउ सियांग चीह और वांग ची-लिन की 14वें नंबर की जोड़ी और ली झे-हुई और यांग पो-सुआन की 16वें नंबर की जोड़ी है.
दूसरी तरफ भारत की टीम भी अच्छी फॉर्म में है और उसके सिंगल्स और डबल्स दोनों खिलाड़ी अच्छा खेल रहे हैं. युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप की अपनी फॉर्म यहां भी बरकरार रखी है. उस टूर्नामेंट में वह उपविजेता रहे थे और यहां भी उन्होंने अपने तीनों मैच जीते हैं. भारत के दो अनुभवी खिलाड़ी एचएस प्रणय और किदांबी श्रीकांत ने तीसरे सिंगल्स मैच की जिम्मेदारी आपस में बांटी है. बुधवार को खेले गए मैच में श्रीकांत ने चीन के लू गुआंग झू के खिलाफ पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की. प्रणय ने 2022 में भारत की खिताबी जीत के दौरान भी ऐसी ही भूमिका निभाई थी.
ऑल इंग्लैंड के फाइनल में पहुंचने वाले लक्ष्य सेन भले ही तीन गेम वाले दो रोमांचक मैच हार गए हों, लेकिन उनके खेल ने सबको प्रभावित किया है. अब जब उनका मुकाबला नाराओका से होगा तो भारत की जीत काफी हद तक उन्हीं पर निर्भर करेगी. वह जापान के इस खिलाड़ी से छह बार हार चुके हैं. सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की डबल्स जोड़ी ने अपने शुरुआती दो मैच जीते, लेकिन उसके बाद वे चीन के लियांग वेई केंग और वांग चांग से करीबी मुकाबले में हार गए.
सात्विक के कंधे की चोट से उबरने के बाद यह उनका पहला टूर्नामेंट था और उम्मीद है कि यह करीबी मैच उन्हें नॉकआउट राउंड से पहले तैयारी में मदद करेगा. हरिहरन अमसाकरुणन और एमआर अर्जुन की दूसरी डबल्स जोड़ी ने भी अब तक अपने तीन में से दो मैच जीते हैं और वे भारत को सेमीफाइनल तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. 2022 में खिताब जीतने के अलावा भारत ने 1952, 1955 और 1979 में कांस्य पदक भी जीते हैं.
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कमलेश राय वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. 17 वर्षों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में उन्होंने डिजिटल मीडिया की बारीकियों और खबरों की गहरी समझ के साथ एक विशिष्ट पहचान बनाई ह…और पढ़ें
