शक्तिनगर/सोनभद्र.@वीरेंद्र यादव……

एनटीपीसी सिंगरौली में मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन), उत्तरी एवं दक्षिणी क्षेत्र, श्री सूर्य नारायण पाणिग्राही ने 7 अप्रैल को परियोजना का औपचारिक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मानव संसाधन एवं कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की।
प्रशासनिक भवन के सम्मेलन कक्ष में आयोजित बैठक में श्री पाणिग्राही ने एचआर अधिकारियों के साथ संवाद कर कर्मचारी कल्याण योजनाओं, प्रशिक्षण एवं विकास कार्यक्रमों तथा कार्य-संस्कृति के विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया। उन्होंने व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

दौरे के दौरान उन्होंने कार्यपालक संघ, यूनियन, युवा अधिकारियों एवं एसएमसी सदस्यों के साथ अलग-अलग संवाद सत्रों में भाग लेकर उनके सुझाव सुने। साथ ही परियोजना विस्तार से जुड़ी गतिविधियों का भी जायजा लिया।
सीएसआर गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण में एनटीपीसी सिंगरौली की भूमिका की सराहना की और इन्हें अधिक व्यापक एवं सतत बनाने पर जोर दिया। इस दौरान लोझरा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय की 20 बालिकाओं को साइकिल वितरित की गई।
विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कर्मचारी विकास केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में भी श्री पाणिग्राही शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक श्री संदीप नायक ने कहा कि स्वस्थ कर्मचारी ही संगठन की प्रगति का आधार होता है और सभी को संतुलित जीवनशैली अपनानी चाहिए।
विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री पाणिग्राही ने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ जीवनशैली संगठनात्मक सफलता के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त विश्राम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वर्तिका कुलश्रेष्ठ ने कर्मचारियों को नियमित स्वास्थ्य जांच एवं तनाव प्रबंधन अपनाने की सलाह दी।
दौरे के दौरान श्री पाणिग्राही ने पारदर्शिता, सहभागिता और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इस अवसर पर परियोजना प्रमुख श्री संदीप नायक, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) श्री सी.एच. किशोर कुमार एवं महाप्रबंधक (परियोजना) श्री रश्मि रंजन मोहंती सहित अन्य अधिकारियों द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया।
एनटीपीसी प्रबंधन ने इस दौरे को महत्वपूर्ण बताते हुए विश्वास जताया कि इससे मानव संसाधन प्रबंधन एवं सीएसआर गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।