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India beat Hong Kong: एएफसी एशियन कप क्वालीफायर 2027 के अपने आखिरी मैच में भारत ने हांगकांग को 2-1 से हरा दिया. मैच की शुरुआत में ही रयान विलियम्स ने अपने डेब्यू पर एक शानदार गोल दागकर भारत को बढ़त दिला दी. इसके बाद आकाश मिश्रा ने भी अपना पहला इंटरनेशनल गोल किया. मैच के आखिरी समय में एवर्टन कमार्गो ने हांगकांग के लिए एक गोल कर उम्मीद जगाई थी, लेकिन भारतीय टीम मेहमानों पर भारी पड़ी.

भारत ने हांगकांग को 2-1 से हराया.
कोच्चि. ऑस्ट्रेलिया में जन्मे रयान विलियम्स ने भारत के लिए अपने पहले मैच को खास बना दिया और मंगलवार को एशियाई कप क्वालीफाइंग के एक मैच में चौथे मिनट में गोल करके भारत को हांगकांग पर 2-1 से जीत दिलाई. भारत के लिए दूसरा गोल 50वें मिनट में आकाश मिश्रा ने किया, जो उनका पहला अंतरराष्ट्रीय गोल था. इस गोल से खालिद जमील की टीम ने क्वालीफायर के तीसरे दौर में अपनी पहली जीत हासिल की.
भारतीय टीम पहले ही टूर्नामेंट में जगह बनाने की दौड़ से बाहर हो चुकी थी और उसने अपना अभियान पांच अंक के साथ खत्म किया. टीम ने एक मैच जीता और दो ड्रॉ खेले, जिससे वह ग्रुप सी में सबसे नीचे रही. हांगकांग की तरफ से 65वें मिनट में एवर्टन कैमारगो ने एक गोल किया. पिछले साल 10 जून को पहले चरण के मैच में भारत को हांगकांग से 0-1 से हार मिली थी. सिंगापुर ने मंगलवार को अपने घरेलू मैदान पर बांग्लादेश को 1-0 से हराया और ग्रुप सी में टॉप पर रहते हुए 2027 एशियाई कप के लिए क्वालीफाई किया. सिंगापुर ने छह मैचों में कुल 14 अंक हासिल किए.
भारत ने हांगकांग को 2-1 से हराया.
भारतीय टीम के लिए इस मैच में खोने के लिए कुछ नहीं था, क्योंकि वे लगातार तीन बार एशियन कप में जगह बनाने का मौका पहले ही गंवा चुके थे. इसके अलावा, भारत ने इस मैदान पर कभी कोई मैच नहीं जीता था. भारतीय कोच ने शुरुआत से ही अपनी चालों से विरोधियों को उलझाए रखा. अनवर अली (सेंटर-बैक) को डिफेंसिव मिडफील्डर के रूप में खिलाया. डिफेंस में आकाश मिश्रा और अभिषेक सिंह टेकचम को अनुभवी राहुल भेके और संदेश झिंगन के साथ उतारा. लाल्लियांजुआला छांगटे ने दाएं छोर (राइट फ्लैंक) से खेल को नियंत्रित किया, जिससे मनवीर सिंह को आगे बढ़ने का मौका मिला.
मैच का रोमांच
ट्रेनिंग की मेहनत रंग लाई जब छांगटे और अभिषेक के तालमेल से मनवीर को गेंद मिली. मनवीर के क्रॉस पर रयान विलियम्स ने मुस्तैदी दिखाते हुए गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया. पूरे स्टेडियम में जश्न का माहौल छा गया. अपने पहले ही मैच में विलियम्स ने लंबी गेंदों को बखूबी संभाला और छांगटे व मनवीर के साथ मिलकर बेहतरीन खेल दिखाया. हाफ-टाइम तक भारत ने गोल पर 6 शॉट लगाए थे, जबकि हांगकांग सिर्फ 3 शॉट ही ले पाया. दूसरे हाफ की शुरुआत में भारत ने अपनी बढ़त दोगुनी कर ली. राहुल भेके के एक लंबे थ्रो पर आकाश मिश्रा ने मुश्किल कोण से गेंद को सीधे नेट के ऊपरी हिस्से में दे मारा. यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय गोल था.
मैच के 60 मिनट बीतने के बाद फैंस ‘लेट्स गो इंडिया’ के नारों और मोबाइल टॉर्च के साथ टीम का हौसला बढ़ा रहे थे. लेकिन 65वें मिनट में भारतीय डिफेंस की एक छोटी सी चूक भारी पड़ी. हॉन्गकॉन्ग के कमार्गो ने झिंगन को छकाते हुए गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू के पास से गेंद निकालकर स्कोर 2-1 कर दिया. इसके बाद मेहमान टीम ने वापसी की कोशिश की, लेकिन गुरप्रीत ने दो शानदार बचाव करके भारत की जीत पक्की कर दी. यह जीत भारत के लिए इसलिए खास थी क्योंकि पिछले साल हांगकांग के काई टाक स्टेडियम में मिली हार का हिसाब बराबर हो गया. साथ ही कोच खालिद जमील की भारतीय सरजमीं पर यह पहली जीत है.
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नवंबर 2025 से नेटवर्क 18 ग्रुप में सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 3 साल का अनुभव. जी न्यूज से खेल पत्रकारिता में डेब्यू किया. क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी और बैडमिंटन के बारे में भी लिखने में दिलचस्पी. मा…और पढ़ें
