मुख्यालय/सोनभद्र.@विशाल टंडन………

जिलाधिकारी बी.एन. सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेट्रोल पंप संचालकों, एलपीजी गैस एजेंसी डीलरों एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल, डीजल एवं सीएनजी उपलब्ध रहना चाहिए, जिससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस के लिए ईंधन का आरक्षित स्टॉक बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए।उन्होंने कहा कि सभी पंप संचालक प्रतिदिन का ओपनिंग स्टॉक एवं अन्य आवश्यक सूचनाएं अपने प्रतिष्ठान पर प्रदर्शित करें तथा दैनिक बिक्री और उपलब्धता की रिपोर्ट तेल कंपनियों के माध्यम से जिला पूर्ति अधिकारी को उपलब्ध कराएं। कालाबाजारी, अवैध भंडारण, कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने अथवा भ्रामक प्रचार में संलिप्त पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

साथ ही “नो हेलमेट, नो फ्यूल” नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने तथा बोतल या गैलन में पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए गए। गैस एजेंसियों के संचालकों को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के बाद ही गैस बुकिंग एवं डिलीवरी की व्यवस्था का पालन किया जाए। उपभोक्ताओं को समय से होम डिलीवरी उपलब्ध कराई जाए तथा किसी भी स्थिति में अधिक मूल्य वसूली या कम मात्रा की आपूर्ति न हो।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि गैस बुकिंग की विभिन्न सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा विवाह जैसे आयोजनों के लिए भी गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। व्यावसायिक उपभोक्ताओं को उनके उपभोग के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जाए और डुप्लीकेट मांग पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी एवं ऑयल कंपनियों तथा गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।