बीजपुर/सोनभद्र.@रामबली मिश्रा….

इलाके के दुर्गा मंदिरों में वासंतिक नव रात्रि के महाष्टमी को जवारी निकालकर श्रद्धालु भक्तों ने हवन, पूजन कर बड़े श्रद्धा,भक्ति भाव से मां आदि शक्ति शरण शीश नवाया, जो बड़ा ही अद्भुत ,अलौकिक रहा।
जरहा के अजीरेश्वर मंदिर पर मां दुर्गा देवी के पुजारी एन के दुबे ने मुख्य यजमान तेजबली सिंह से नवरात्रि के अनुष्ठान को दुर्गा सप्तशती पाठ के साथ महा अष्टमी की पूजा गुरुवार को हवन पूजन को बौद्धिक मंत्रोच्चार से कराया। ब्रत धारण करने वाले भक्तों ने अजीरेश्वर धाम के हवन कुंड में आहुति दी शीश झुका कर मन की मुराद मांगी तथा देश समाज के कल्याण की मंगल कामना की।
आदिवासी परंपरा के अनुसार नव दिन का ब्रत धारण कर अनुष्ठान करने वाले भक्तों ने जवारी निकला।सामूहिक रूप से दुर्गा देवी के गीत को ढोल मंजीरों के ताल पर झूमते गाते सब अजीरेश्रर धाम पहुंचे जहां अपने जीभ का छेदन कर अद्भुत भक्ति की मिशाल पेश की जिसे देख हर कोई अचंभित हो गया।
मां आदि शक्ति के सस्वर पूजा पाठ जयकारों से इलाके का माहौल भक्तिमय हो गया।शुक्रवार को कुंवारी कन्याओं का पूजन अर्चन कर नवरात्रि के अनुष्ठान का समापन भक्त पारण कर करेंगे।अजीरेश्वर धाम पूजा समिति न्यास कर्ता अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बघेल,गणेश शर्मा, ब्रह्मजीत सिंह, त्रिभुवन नारायण सिंह, राजकुमार सिंह, श्याम सुंदर जायसवाल आदि नव रात्रि के अनुष्ठान में शामिल रहे।