@जेo केo/सोनभद्र…….

Sonbhadra । आज कांग्रेस कार्यकताओं ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद एवं शिष्यों पर दर्ज एफआईआर को लेकर जिलाध्यक्ष रामराज गौड़ के नेतृत्व में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वागीश शुक्ला को प्रधानमंत्री के संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में दर्शाया गया है कि ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एवं उनके शिष्यो के साथ घटित घटनाक्रम अत्यंत चिंताजनक है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुंभ के दौरान मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर उन्हें एवं उनके शिष्यों को स्नान करने से रोका गया तथा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
कुछ शिष्यों की चोटी घसीट कर अपमानित करने जैसी अमर्यादित घटना भी सामने आई, जिससे धार्मिक भावनाएँ गहराई से आहत हुई है। इसके अतिरिक्त शंकराचार्य जी, उनके शिष्यों तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध एफ. आई. आर. दर्ज कराई गई है, जो प्रथम दृष्टया एकतरफा एवं दुर्भावनापूर्ण प्रतीत होती है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 एवं 26 प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता तथा धार्मिक संस्थाओं को अपने धार्मिक कार्यों के संचालन का मौलिक अधिकार प्रदान करते हैं।
शंकराचार्य का पद सनातन परंपरा में सर्वोच्च आध्यात्मिक पदों में से एक है। ऐसे में इस प्रकार की कार्यवाही धार्मिक स्वतंत्रता एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि- शंकराचार्य एवं उनके शिष्यों के विरुद्ध दर्ज एफ आई आर. की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। एफ.आई.आर. दर्ज कराने वाले व्यक्तियों की पृष्ठभूमि, उनकी परिस्थितियों तथा संभावित प्रेरक तत्वों (मोटिव का भी निष्पक्ष परीक्षण कराया जाए।
शिष्यों के साथ हुई अभद्रता एवं चोटी खींचकर अपमानित करने की घटना की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों/व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
भविष्य में धार्मिक स्वतंत्रता एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए जाएँ। कृपया न्यायोचित एवं संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें।
जिलाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी सोनभद्र रामराज सिंह गौड़ के अध्यक्षता में ज्ञापन दिया गया, मुख्य रूप से उपस्थित रहने वालों में राबर्ट्सगंज विधानसभा प्रत्याशी कमलेश ओझा, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य आशुतोष कुमार दुबे (आशु), नूरुद्दीन खान, कन्हैया पांडेय, मृदुल मिश्रा, जितेंद्र देव पांडेय, दयाशंकर देव पांडेय, रामेश्वर यादव, ज्यूत मौर्या, शीतला पटेल, तमेश्वर तिवारी, वंशीधर पांडे, बाबूलाल पनिका, रामसागर,मौजूद रहे।