विंढमगंज/सोनभद्र. @आनंद गुप्ता..

दुद्धी ब्लॉक स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय फुलवार में एक ही अनुदेशक के सहारे चल रही पढ़ाई से नाराज ग्राम प्रधान दिनेश यादव ने अनुदेशक को स्कूल में पढ़ाने से साफ मना कर दिया है। ग्राम प्रधान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जबकि कंपोजिट विद्यालय दुद्धी में सात शिक्षक तैनात हैं। यह विभागीय भेदभाव स्पष्ट है।
दुद्धी ब्लॉक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, जहां कई परिषदीय स्कूल एक ही शिक्षक या अनुदेशक के भरोसे चल रहे हैं। फुलवार स्कूल में भी यही स्थिति है, जहां एक अनुदेशक सभी कक्षाओं को संभाल रहे हैं। ग्राम प्रधान दिनेश यादव ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर निर्णय लिया कि जब तक विभाग द्वारा अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती, तब तक प्राइवेट शिक्षक रखकर पढ़ाई कराई जाएगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि अनुदेशक यदि स्कूल आएंगे, तो उन्हें रोका जाएगा। ग्रामीणों ने भी इसकी तीव्र निंदा की। एक ग्रामीण ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, क्योंकि एक शिक्षक सभी कक्षाओं को एक साथ नहीं पढ़ा सकता। दुद्धी क्षेत्र में पहले से ही स्कूलों की खराब स्थिति चर्चा में है, जहां कई विद्यालय बंदी या विलय के कारण प्रभावित हैं। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।ग्राम प्रधान ने कहा हम बच्चों का भविष्य दांव पर नहीं लगा सकते। प्राइवेट शिक्षक का व्यय गांव वाले वहन करेंगे, लेकिन पढ़ाई रुकेगी नहीं।
बीइओ दुद्धी प्रेम प्रकाश ने बताया कि शिक्षा की कमी से व्लाक में सात विद्यालय बंद है। जिसका संचालन शिक्षा मित्र या अनुदेशक कर रहे हैं अभी हम फुलवार के ग्रामीणों से बात कर के समस्या का सामाधन कर रहे हैं।