रेणुकूट/सोनभद्र. @अमिताभ मिश्रा…….
— मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ सोनभद्र में संयुक्त संघर्ष का आह्वान

केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर आगामी 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल की तैयारियों को लेकर बुधवार को सोनभद्र जनपद में श्रमिक संगठनों की एक संयुक्त बैठक संपन्न हुई। यह बैठक हिंडालको श्रमिक संघ (इंटक) के रेणुकूट कार्यालय में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता इंटक के जिला अध्यक्ष हरदेवनारायण तिवारी ने की, जबकि संचालन मजदूर नेता सुरेंद्र पाल ने किया।
बैठक में इंटक, सीटू, एटक, एचएमएस, एक्टू तथा मनरेगा मजदूर प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में भारत सरकार द्वारा श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम संहिताएं (लेबर कोड) लागू किए जाने, विद्युत विधेयक 2025 को बजट सत्र में पारित कराने की योजना, बिजली, कोयला, बैंक, बीमा, परमाणु ऊर्जा, डाक जैसे सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण, किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने, स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने, किसानों के कर्ज माफ करने तथा मनरेगा में किए गए बदलावों जैसे मुद्दों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए इंटक के जिला अध्यक्ष हरदेवनारायण तिवारी, सीटू के जिला अध्यक्ष ए.के. चौबे, विशंभर सिंह एवं अमरेश शुक्ला ने कहा कि मजदूर प्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना एकतरफा मजदूर विरोधी कानून लागू किए जा रहे हैं, जिससे देशभर के श्रमिकों में भारी आक्रोश है। कई बार हड़ताल के बावजूद सरकार श्रमिक संगठनों से कोई सार्थक वार्ता नहीं कर रही है और पूंजीपतियों के हित में नीतियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इसका श्रमिक वर्ग पुरजोर विरोध करेगा।
नेताओं ने बताया कि 12 फरवरी की हड़ताल में कोयला क्षेत्र के मजदूर शत-प्रतिशत हड़ताल करेंगे, जबकि अन्य क्षेत्रों के श्रमिक विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की जाएगी। बैठक में बृजेश तिवारी, अभिषेक सिंह, उत्तम कुमार मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद और राजीव दुबे समेत अन्य लोग मौजूद रहेl